
जम्मू–हरियाणा में बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा: नीट स्टूडेंट और दो वकील गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश विफल करते हुए रियासी के युवक को गिरफ्तार किया। वहीं, हरियाणा नूंह में ISI जासूसी केस में दो वकील हिरासत में लिए गए। फोरेंसिक जांच से पूरे नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद।
जम्मू–कश्मीर और हरियाणा में बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा: नीट स्टूडेंट के बहाने छुपा नेटवर्क, दो वकील गिरफ्तार, जांच एजेंसियां सतर्क
जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने आतंकियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया युवक रियासी का रहने वाला मोहम्मद साजिद है, जो नीट की तैयारी के नाम पर जम्मू के बठिंडी इलाके में रह रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि वह पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर्स से सीधे संपर्क में था और जम्मू में धमाका करने की योजना बना रहा था।
संदिग्ध के फोन से मिले बड़े सुराग
NIA और अन्य एजेंसियों को साजिद के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डेटा मिला है, जिससे पुष्टि होती है कि—
- वह सीमा पार बैठे आतंकियों से निर्देश ले रहा था।
- जम्मू में किसी बड़े हमले की तैयारी थी।
- विस्फोटक सामग्री जुटाने की कोशिशें चल रही थीं।
यह गिरफ्तारी साबित करती है कि आतंकी लगातार स्टूडेंट, कारोबारी और पेशेवरों की आड़ लेकर भारत में नेटवर्क खड़ा करने की कोशिशों में लगे हैं।
रिजवान–परवेज मॉड्यूल पर बड़ी कार्रवाई, दो वकील हिरासत में
इसी साजिश से जुड़े एक अन्य मोर्चे पर हरियाणा के नूंह, गुरुग्राम और तावडू पुलिस ने दो वकीलों—रिजवान और परवेज (मुशर्रफ उर्फ परवेज) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जानकारियों के आधार पर दोनों पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने का आरोप है।
परवेज के पिता का बयान
परवेज के पिता दिलावर ने बताया—
- उनके चार बेटे हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा भारतीय सेना में है।
- दूसरा बेटा मुशर्रफ उर्फ परवेज गुरुग्राम में वकालत करता है।
- परिवार का दावा — “हमें अपने बेटे पर पूरा भरोसा है कि वह ऐसा कोई काम नहीं कर सकता।”
- उनका पाकिस्तान से कोई रिश्तेदारी या संबंध नहीं है।
वहीं, यह भी सामने आया कि रिजवान और परवेज की दोस्ती करीब दो वर्षों पुरानी है, जब दोनों गुरुग्राम में एक साथ प्रैक्टिस करते थे।
पुलिस की रातभर की छापेमारी
सूत्रों ने बताया—
- 24 नवंबर की रात करीब 12 बजे पुलिस परवेज के नूंह स्थित घर पहुंची।
- पूछताछ के दौरान पता चला कि रिजवान ने हिरासत में रहते हुए परवेज को फोन किया था, जो एजेंसियों के निर्देश पर कराया गया था।
- इसके बाद परवेज को हिरासत में ले लिया गया।
रिजवान के घर भी छापेमारी की गई, जहां से—
- लैपटॉप
- दस्तावेज
- डिग्रियां
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस को शक है कि डिजिटल जांच में और भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
नूंह जिले में इस साल तीसरी जासूसी गिरफ्तारी
इस वर्ष पाकिस्तान-ISI लिंक से जुड़े मामलों में यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है।
नूंह, सोहना, गुरुग्राम और तावडू के कई इलाकों में जांच एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि—
- क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है?
- क्या आतंकियों को संवेदनशील सैन्य जानकारी लीक की गई?
- क्या ISI ने वकीलों के जरिए नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश की है?
परिवार बोले—“हमारे बेटे निर्दोष हैं”
रिजवान और परवेज—दोनों के परिवारों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
परिजन का कहना है—
- दोनों वकील पेशे से जुड़े, कानून का पालन करने वाले लोग हैं।
- यदि जांच होगी, तो उनकी बेगुनाही साबित हो जाएगी।
- परिवार जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है।
जांच जारी, फोरेंसिक रिपोर्ट से खुलेंगे कई राज
पूरी कार्रवाई अभी प्रारंभिक जांच चरण में है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक—
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच
- कॉल रिकॉर्ड
- चैट और डिजिटल ट्रेस
से यह साफ होगा कि वास्तव में किस नेटवर्क से संपर्क था और क्या कोई बड़ा हमला प्लान किया गया था।










