
अवैध खरीद-फरोख्त मामला: उज्जैन से बरामद युवती के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, मणिपुर पुलिस की बड़ी सफलता
मणिपुर पुलिस ने युवती की अवैध खरीद-फरोख्त मामले में फरार दो मुख्य आरोपियों को उज्जैन में दबोचा। शादी पार्टी में काम का झांसा देकर पीड़िता को बेच दिया गया था। आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजे गए।
अवैध तरीके से युवती की खरीद-फरोख्त करने वाले दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, उज्जैन से बरामद हुई थी पीड़िता
छत्तीसगढ़ के थाना मणिपुर पुलिस ने युवती की अवैध खरीद-फरोख्त मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों को नोटिस के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कैसे हुआ था मामला – सहेली ने शादी पार्टी के बहाने बेच दिया
19 नवंबर 2025 को पीड़िता की सहेली अलका उसे शादी पार्टी में काम दिलाने के बहाने पत्थलगांव ले जाने की बात कहकर उज्जैन (मध्य प्रदेश) ले गई और वहीं उसे बेच दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर प्रार्थिया की रिपोर्ट पर 26 नवंबर 2025 को थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 323/2025 दर्ज किया गया।
मामला इन धाराओं में पंजीबद्ध हुआ
धारा — 143(2), 187, 3(5) BNS, 140(3), 142, 144(2), 64 2D BNS
(नए Bharatiya Nyaya Sanhita के प्रावधानों के तहत)
उज्जैन से बरामद हुई पीड़िता, एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका था
विवेचना के दौरान मणिपुर पुलिस की टीम उज्जैन रवाना हुई थी।
जहाँ:
- आरोपी भंवर सिंह के कब्जे से पीड़िता को बरामद किया गया
- उसका साथी मुकेश गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया
लेकिन मामले के दो मुख्य आरोपी घटना के बाद से फरार थे।
मुखबिर की सूचना पर बड़ी सफलता – दोनों फरार आरोपी गिरफ्तार
05 दिसंबर 2025 को पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके बाद:
गिरफ्तार आरोपी
- अशोक परमार, पिता चुन्नीलाल परमार (उम्र 30 वर्ष)
- निवासी: भान बड़ोदिया, पोस्ट ताजपुर
- थाना घटिया, जिला उज्जैन (म.प्र.)
- एक अन्य महिला आरोपी
- जिसने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की
पूछताछ और मिले सबूतों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कार्रवाई में पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफलता में निम्न अधिकारियों-कर्मचारियों की मुख्य भूमिका रही:
- थाना प्रभारी मणिपुर – निरीक्षक अश्विनी सिंह
- सहायक उप निरीक्षक – शौखी लाल
- आरक्षक – सत्येंद्र दुबे












