
SECL भूमि विवाद: पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस का बड़ा आरोप
अमेरा खदान भूमि अधिग्रहण के दौरान हुए संघर्ष की जांच के लिए गठित कांग्रेस जांच दल ग्राम परसोढ़ी कला पहुंचा। ग्रामीणों ने बिना सूचना पुलिस कार्रवाई और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए।
अमेरा खदान भूमि अधिग्रहण विवाद: कांग्रेस जांच दल ने पीड़ित ग्रामीणों से की मुलाकात, पुलिस कार्रवाई को बताया अमानवीय

रायपुर। 3 दिसंबर को अमेरा खदान क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष के कारणों की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच दल ने आज ग्राम परसोढि़ कला पहुंचकर प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। जांच दल का नेतृत्व पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने किया। इस दौरान कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुश्री जरिता लैतफलांग भी मौजूद रहीं।

ग्रामीणों ने जांच दल को बताया कि 3 दिसंबर को एसईसीएल और प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की गई। ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि अधिग्रहण के लिए पहुंचे पुलिस बल द्वारा खेतों में काम कर रही महिलाओं के साथ मारपीट की गई तथा उन्हें बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गांव के देवस्थान को तोड़ा गया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से संघर्ष की शुरुआत हुई।
ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि वे अपनी जमीन एसईसीएल को नहीं देंगे। मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा मीडिया में दिए गए उस बयान को भी ग्रामीणों ने पूरी तरह खारिज किया, जिसमें भूमि हस्तांतरण को लेकर सहमति बनने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में अमेरा क्षेत्र में एसईसीएल द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं किए गए, जिससे कंपनी के प्रति जनता का विश्वास टूट चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि न उन्हें रोजगार मिला, न उचित मुआवजा और न ही सीएसआर मद में कोई विकास कार्य हुआ।
इस दौरान कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव जरिता लैतफलांग ने जेल भेजी गई महिलाओं को माला पहनाकर सम्मानित किया और कहा कि राहुल गांधी के स्पष्ट निर्देश हैं कि कांग्रेस पार्टी आदिवासियों, अनुसूचित जातियों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन छीनी जा रही है, जिससे ये वर्ग बेरोजगार हो रहे हैं।
जांच दल में शामिल विधायक जनकलाल ध्रुव ने संघर्ष में शामिल महिलाओं को “दुर्गा” की संज्ञा देते हुए कहा कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाली ये महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी होकर भी उनका प्रशासन आदिवासियों पर लाठी चलवा रहा है।
जांच दल का नेतृत्व कर रहे पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीणों के हर शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने बताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री द्वारा इस पूरे मामले को न्यायालय में ले जाने के लिए वकीलों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। विधायक इन्द्रशाह मंडावी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों और आदिवासियों की आवाज नहीं सुन रही है।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह, मुनेश्वर राजवाड़े और अनिमा केरकेट्टा भी उपस्थित रहीं।











