धान खरीदी 2025-26: किसान महिपाल सिंह को ऑनलाइन टोकन और पारदर्शी प्रक्रिया से बड़ा लाभ

किसान महिपाल सिंह को मिली पारदर्शी धान खरीदी की सौगात

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ऑनलाइन टोकन व्यवस्था, सटीक माप-तौल और समय पर भुगतान से किसानों में बढ़ा भरोसा

कोरबा/11 दिसंबर 2025। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में कोरबा जिले में धान खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी रूप से संचालित हो रही है। कोरबा विकासखंड के जामबहार गांव के मेहनतकश किसान महिपाल सिंह भी इस बदले हुए सिस्टम से अत्यधिक लाभान्वित हुए हैं। लगभग 6 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले महिपाल सिंह ने इस वर्ष 90 क्विंटल धान का विक्रय सोनपुरी उपार्जन केंद्र में किया।


“इस बार खरीदी प्रक्रिया ने मेरा अनुभव पूरी तरह बदल दिया”—किसान महिपाल सिंह

किसान महिपाल ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 80–90 क्विंटल धान बेचा था लेकिन तब सुविधाएँ सीमित थीं और प्रक्रिया में देरी होती थी।
इस वर्ष उपार्जन केंद्र की उन्नत व्यवस्थाओं ने उनका अनुभव पूरी तरह बदल दिया।

उन्होंने कहा—

  • केंद्र में बेहतर व्यवस्था
  • सटीक माप-तौल
  • और समय पर भुगतान

ने उनमें नया विश्वास जगाया है।
पारदर्शी और तेज खरीदी प्रणाली ने न केवल खेती को स्थिरता दी है, बल्कि किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य भी दिलाया है।

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ऑनलाइन टोकन से मिली सबसे बड़ी सुविधा

किसान महिपाल सिंह ने इस वर्ष लागू ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को सबसे उपयोगी बताया।

उनके अनुसार—

  • टोकन मिलने से समिति के बार–बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी
  • निर्धारित समय पर पहुँचने से धान तुरंत खरीदा गया
  • अनावश्यक भीड़ और प्रतीक्षा से राहत मिली
  • खेत से बाजार तक की प्रक्रिया में समय और श्रम दोनों की बचत हुई

इस व्यवस्था ने किसानों के दैनिक कार्यों को आसान और नियंत्रित बनाया।


सर्वाधिक समर्थन मूल्य से किसान संतुष्ट

महिपाल सिंह ने कहा कि इस वर्ष सरकार द्वारा घोषित सर्वाधिक समर्थन मूल्य का लाभ मिलने से वे अत्यंत संतुष्ट हैं।
उनका कहना है कि—

“मेहनत की फसल जब साफ-सुथरी और पारदर्शी प्रक्रिया से उचित मूल्य पर बिकती है, तो पूरे वर्ष की मेहनत का फल मिलता है।”


कोरबा जिले में धान खरीदी बनी भरोसेमंद व्यवस्था

इस वर्ष शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं ने किसानों को—

  • आर्थिक मजबूती
  • सामाजिक स्थिरता
  • और सुरक्षित भविष्य

की ओर आगे बढ़ाया है।
किसानों में भरोसा और संतोष स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।