परसोढ़ी कला संघर्ष: 43 ग्रामीणों का इलाज, कांग्रेस नेता सिंहदेव ने उठाया संस्कृति-पर्यावरण का मुद्दा

परसोढ़ी कला संघर्ष: संजीवनी अस्पताल की मेडिकल टीम ने लगाया उपचार शिविर, 43 ग्रामीणों का हुआ इलाज

सरगुजा, 13 दिसंबर 2025/ 3 दिसंबर को ग्राम परसोढ़ी कला में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में घायल ग्रामीणों के इलाज के लिए आज संजीवनी अस्पताल, अंबिकापुर की 7 सदस्यीय मेडिकल टीम ने गांव में शिविर लगाकर उपचार किया। इस दौरान कुल 43 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज किया गया।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

संघर्ष में घायल 5 ग्रामीणों में फ्रैक्चर की आशंका को देखते हुए उन्हें एक्स-रे कराने की सलाह दी गई है और अस्पताल बुलाया गया है। चिकित्सा दल ने मौके पर प्राथमिक उपचार, दवा वितरण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया।

प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप

शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने परसोढ़ी कला का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि संघर्ष के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई

ग्रामीणों के अनुसार, सिर में चोट लगे कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया, जबकि अन्य घायल ग्रामीणों को कोई इलाज नहीं मिला। कई लोगों ने निजी स्तर पर स्थानीय उपचार कराया।

कांग्रेस नेता की पहल पर पहुंची मेडिकल टीम

ग्रामीणों की स्थिति को देखते हुए आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने संजीवनी अस्पताल के संचालक एवं पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की से चिकित्सा सहायता का अनुरोध किया। इसके बाद आज अस्पताल की मेडिकल टीम गांव पहुंची और उपचार शिविर आयोजित किया गया।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

डॉ. अजय तिर्की ने बताया कि शिविर में कुल 43 ग्रामीणों का इलाज किया गया है। कुछ मामलों में फ्रैक्चर की संभावना पाई गई है, जिन्हें आगे की जांच के लिए अस्पताल बुलाया गया है।

मेडिकल टीम में ये रहे शामिल

संजीवनी अस्पताल की ओर से भेजी गई मेडिकल टीम में—

  • आपातकालीन चिकित्सक डॉ. ऋषभ
  • डॉ. इकबाल
  • ड्रेसर अनिल कश्यप
  • नर्स सिस्टर निशा एवं मोनिका
  • मेडिकल स्टाफ लक्ष्मी एवं लालजी
    शामिल रहे।

सरगुजा की संस्कृति और पर्यावरण पर खतरे का मुद्दा

मीडिया से बातचीत में आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि परसोढ़ी कला की घटना असंवेदनशील है और प्रशासन को उचित प्रक्रिया अपनाते हुए ग्रामीणों का सहयोग लेना चाहिए था। उन्होंने दोनों पक्षों के घायल होने पर दुःख व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि विकास के लिए खनन आवश्यक है, लेकिन रामगढ़, परसोढ़ी कला और मैनपाट क्षेत्र में हो रहे खनन से सरगुजा की संस्कृति, सभ्यता और पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। यह विषय किसी राजनीतिक दल से ऊपर है।

सिंहदेव ने सरगुजा को बचाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर सामूहिक पहल करने की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।