भोपाल: बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, धमाकों से दहला हलालपुरा इलाका
भोपाल, 12 जून 2026: राजधानी भोपाल के बैरागढ़ रोड स्थित हलालपुरा क्षेत्र में शुक्रवार तड़के एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। मुख्य सड़क किनारे स्थित एक पटाखा दुकान में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके चलते लगातार धमाके होते रहे और आग की लपटें लगभग 70 फीट की ऊंचाई तक आसमान छूती नजर आईं।
रात के सन्नाटे में धमाकों की गूंज
घटना शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे की है। जब आसपास के रहवासी नींद में थे, तभी अचानक सोनी पटाखा दुकान से पटाखों के फटने की आवाजें आने लगीं। कुछ ही मिनटों में दुकान के अंदर मौजूद बारूद ने आग पकड़ ली, जिससे एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी लपटें 70 फीट तक ऊपर उठती दिखाई दीं, जिससे दूर-दूर तक के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
पास में था पेट्रोल पंप, टला बड़ा हादसा
जिस स्थान पर यह दुकान स्थित है, वहां का इलाका काफी संवेदनशील है। दुकान के बिल्कुल पास ही एक पेट्रोल पंप है, जिससे बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई थी। गनीमत रही कि घटना तड़के हुई और सड़क पर ट्रैफिक न के बराबर था, अन्यथा दिन के समय यहां बड़ा हादसा हो सकता था। दुकान पूरी तरह से सड़क के किनारे स्थित है, जिसके कारण धमाकों के साथ पटाखे सड़क पर भी आकर गिर रहे थे, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई थी।
साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिली राहत
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को तुरंत अलर्ट किया गया। फतेहगढ़, बैरागढ़ और गांधीनगर सहित कई फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर फाइटर शाहनाबाज अहमद के नेतृत्व में दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभाला। दुकान सड़क के किनारे होने के कारण पुलिस ने ऐहतियात के तौर पर एक तरफ का ट्रैफिक पूरी तरह बंद कर दिया था। बिजली कंपनी ने भी इलाके की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी, ताकि शॉर्ट सर्किट की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। लगभग साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 7 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
नुकसान और जांच
इस हादसे में दुकान के अंदर रखा लाखों रुपये का पटाखा स्टॉक जलकर पूरी तरह राख हो गया। दुकान पूरी तरह तबाह हो चुकी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रथम दृष्टया लापरवाही या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घनी आबादी और संवेदनशील स्थानों के पास पटाखा भंडारण के नियमों का पालन हुआ था या नहीं।











