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Ayodhya Ram Lalla Shringar: पौष कृष्ण एकादशी पर रामलला का अलौकिक श्रृंगार, जानें भोग–आरती और दर्शन का समय

अयोध्या/15 दिसंबर 2025। अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में विराजमान ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का प्रतिदिन भव्य और दिव्य श्रृंगार किया जाता है। इसी क्रम में पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (सोमवार, 15 दिसंबर 2025) को रामलला का शुभ अलौकिक श्रृंगार सम्पन्न हुआ।

चार समय लगता है रामलला को भोग

रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है।

  • सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है
  • दोपहर 12 बजे भोग आरती
  • शाम 7:30 बजे संध्या आरती
  • रात 8:30 बजे शयन आरती के बाद प्रभु को विश्राम कराया जाता है

सभी भोग राम मंदिर की पावन रसोई में शुद्धता और विधि-विधान से तैयार किए जाते हैं।

ऋतु के अनुसार वस्त्र और श्रृंगार

रामलला को मौसम और ऋतु के अनुसार वस्त्र धारण कराए जाते हैं।

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  • गर्मियों में सूती एवं हल्के वस्त्र
  • सर्दियों में ऊनी वस्त्र और स्वेटर

श्रृंगार में प्रयुक्त फूलों की माला दिल्ली से विशेष रूप से मंगाई जाती है, जो प्रभु के दिव्य स्वरूप को और अलौकिक बनाती है।

सुबह 6:30 बजे पहली आरती

रामलला की पहली आरती सुबह 6:30 बजे होती है। प्रभु को जगाने के साथ पूजन प्रारंभ होता है। इसके पश्चात लेप, स्नान, वस्त्र धारण और श्रृंगार की विधियां संपन्न होती हैं।

दर्शन का समय

भक्त सुबह से शाम 7:30 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकते हैं। इसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं और शयन आरती के साथ दिनचर्या पूर्ण होती है।

प्रति दिन अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देकर प्रभु श्री रामलला भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।

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