
मनरेगा के नाम व स्वरूप बदलने के विरोध में कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन, सरगुजा में डाटा सेंटर पर धरना प्रदर्शन
मनरेगा योजना और उसके नाम में बदलाव के खिलाफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सरगुजा जिला कांग्रेस ने डाटा सेंटर पर धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीब विरोधी और गांधीवादी सोच पर हमला बताया।
मनरेगा के नाम व स्वरूप बदलने के विरोध में कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन, सरगुजा में डाटा सेंटर पर धरना प्रदर्शन

मनरेगा योजना और उसके नाम में बदलाव के खिलाफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सरगुजा जिला कांग्रेस ने डाटा सेंटर पर धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीब विरोधी और गांधीवादी सोच पर हमला बताया।
अंबिकापुर/सरगुजा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना एवं उसके नाम में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा द्वारा डाटा सेंटर परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत नए बिल के विरोध में आयोजित किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नए बिल के लागू होने से रोजगार का अधिकार देने वाला कानून अप्रासंगिक हो जाएगा। बिल के अनुसार कार्यों का निर्धारण केंद्र सरकार के पास रहेगा, जबकि आर्थिक भार राज्यों पर डाले जाने से देश के लगभग 25 करोड़ मजदूरों का रोजगार अधिकार केंद्र सरकार की कृपा पर निर्भर हो जाएगा।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि विश्व बैंक ने मनरेगा को दुनिया की सबसे अधिक रोजगार देने वाली योजना घोषित किया था। 2008-09 की वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान इसी योजना ने देश को आर्थिक संकट से उबारा।
उन्होंने कहा कि आज देश में गांधीवादियों और गोडसेवादियों के बीच संघर्ष चल रहा है और मनरेगा के नाम व स्वरूप में बदलाव इसी दिशा में गोडसेवादी सोच का एक और कदम है। कभी नोटबंदी, कभी SIR और अब मनरेगा जैसे फैसलों से भाजपा पिछले 11 वर्षों से गरीब जनता को उलझाने का काम कर रही है।
सभा को संबोधित करते हुए 20 सूत्रीय कार्यक्रम के पूर्व अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने केंद्र सरकार के फैसले पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी योजना है, जो प्रधानमंत्री बनने से पहले ही नरेंद्र मोदी को खटकती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गरीब विरोधी और पूंजीपति समर्थक है तथा यह फैसला देश के प्रजातांत्रिक स्वरूप को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
पीसीसी महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि जिन महात्मा गांधी ने देश की आज़ादी, सामाजिक न्याय और सौहार्द के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनके नाम से जुड़ी योजना के साथ इस तरह का खिलवाड़ पूरे देश में आक्रोश पैदा कर रहा है। सरकार रोजगार की गारंटी को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ मनरेगा का नाम ही नहीं बदल रही, बल्कि योजना को अप्रासंगिक बनाकर इससे पल्ला झाड़ने की तैयारी कर रही है।
धरना स्थल पर मो. इस्लाम, मुनेश्वर राजवाड़े, मदन जायसवाल, विकल झा, आशीष जायसवाल, प्रमोद चौधरी, शुभम जायसवाल, रजनीश सिंह, विष्णु सिंहदेव, प्रीति सिंह, परवेज आलम गांधी, सीपू सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
सभा का संचालन किसान कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष दुर्गेश गुप्ता ने किया।
इस दौरान संजय विश्वकर्मा, लालचंद यादव, संजीव मंदिलवार, अनिल सिंह, सीमा सोनी, अनूप मेहता, जमील खान, नरेंद्र विश्वकर्मा, मो. हसन, लोकेश कुमार, अमित तिवारी राजा, मो. बाबर, चंद्रप्रकाश सिंह, सोहन जायसवाल, अमित सिन्हा, संजय सिंह, जीवन यादव, बिज्जू गुप्ता, आशीष शील, अमित सिंह, अविनाश कुमार, मो. इमरान, विकास शर्मा, दिनेश शर्मा, लखन मरावी, सतीश यादव, दिलीप धर, प्रीति सिंह, गीता प्रजापति, गीता रजक, श्रीमती हमीदा, अनिता सिन्हा, उर्मिला विश्वास, अंकित जायसवाल, राहुल सोनी, ऋषभ जायसवाल, अभिषेक सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।










