National Herald Case: ED को कठपुतली बनाकर गांधी परिवार को बदनाम करने की साजिश विफल, टीएस सिंहदेव का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

नेशनल हेराल्ड केस में ‘न्याय की जीत’, मोदी सरकार की राजनीति का पर्दाफाश: टी.एस. सिंहदेव

नेशनल हेराल्ड मामले में न्यायपालिका द्वारा केस को खारिज किए जाने के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने इस फैसले को “सत्य और न्याय की जीत” बताते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है।

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टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर 16 दिसंबर को जारी अपने बयान में कहा कि मोदी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर गांधी परिवार को साजिश के तहत फंसाने और बदनाम करने का प्रयास किया था, लेकिन यह पूरा षड्यंत्र अब औंधे मुंह गिर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने नेशनल हेराल्ड केस को एक सिरे से खारिज कर दिया, जिससे यह साफ हो गया कि यह मामला कानून से अधिक राजनीति से प्रेरित था।


“झूठ का बुलबुला फट चुका है”

टी.एस. सिंहदेव ने अपने बयान में कहा,

“मोदी सरकार का झूठ का बुलबुला अब फट चुका है और उनके प्रतिशोध की राजनीति का पर्दाफाश हो गया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को डराने, दबाने और बदनाम करने के लिए कर रही है। नेशनल हेराल्ड मामला भी उसी राजनीतिक प्रतिशोध की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

सिंहदेव ने कहा कि यह फैसला न केवल गांधी परिवार के लिए, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए भी अहम है।


ED के दुरुपयोग का आरोप

कांग्रेस नेता ने प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से ED को सरकार के इशारे पर काम करने के लिए मजबूर किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

उनका कहना था कि जांच एजेंसियों का काम कानून के दायरे में निष्पक्षता से जांच करना होता है, न कि सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक एजेंडे को पूरा करना।

टी.एस. सिंहदेव के अनुसार, नेशनल हेराल्ड केस में भी यही हुआ—बिना ठोस सबूतों के एक राजनीतिक परिवार को वर्षों तक कटघरे में खड़ा किया गया।


कांग्रेस नहीं झुकी, न झुकेगी

अपने बयान में टी.एस. सिंहदेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह के हथकंडों से डरने वाली नहीं है।

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उन्होंने लिखा—

“कांग्रेस इन हथकंडों के सामने न कभी झुकी है, न झुकेगी।”

उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने आजादी की लड़ाई से लेकर लोकतंत्र की रक्षा तक हर मोर्चे पर संघर्ष किया है और आज भी संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है।


‘सत्यमेव जयते’ के साथ संदेश

टी.एस. सिंहदेव ने अपने पोस्ट का समापन “सत्यमेव जयते” के संदेश के साथ किया। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि मौजूदा राजनीतिक हालात में कांग्रेस का नैतिक और वैचारिक संदेश भी है।

यह संदेश सीधे तौर पर यह संकेत देता है कि कांग्रेस न्यायपालिका के फैसले को लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देख रही है, जबकि केंद्र सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है।


राजनीतिक हलकों में तेज़ प्रतिक्रिया

नेशनल हेराल्ड केस खारिज होने और टी.एस. सिंहदेव के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को भाजपा की “राजनीतिक प्रताड़ना की हार” बताया है, वहीं भाजपा की ओर से इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में 2026–27 की राजनीति और विपक्षी एकजुटता को भी प्रभावित कर सकता है, खासकर तब जब कांग्रेस लगातार जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा उठा रही है।


न्यायपालिका की भूमिका पर जोर

टी.एस. सिंहदेव के बयान में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश दिया कि जब कार्यपालिका अपनी सीमाएं लांघती है, तब न्यायपालिका लोकतंत्र की रक्षा की अंतिम ढाल बनती है।

नेशनल हेराल्ड केस का खारिज होना केवल एक कानूनी फैसला नहीं, बल्कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में जांच एजेंसियों, सत्ता और विपक्ष के रिश्तों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। टी.एस. सिंहदेव का बयान इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस के नैरेटिव से मजबूती से पेश करता है—जहां सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप है और न्यायपालिका को लोकतंत्र का रक्षक बताया गया है।


टी.एस. सिंहदेव का एक्स पोस्ट (स्रोत):
https://x.com/TS_SinghDeo/status/2000818708269425123?s=20