
मनरेगा को खत्म करने की कोशिश कर रही केंद्र सरकार: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया, कांग्रेस ने बिल का विरोध किया।
मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही केंद्र सरकार: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू
शिमला।हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को समाप्त करने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के ग्रामीण गरीबों और मेहनतकश लोगों की आजीविका का सबसे बड़ा सहारा है, जिसे कमजोर करना करोड़ों परिवारों के रोजगार पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मनरेगा योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की थी। इस योजना ने न सिर्फ ग्रामीणों को काम दिया, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से देशभर में करोड़ों लोगों को हर साल रोजगार मिलता है। यह योजना ग्रामीण पलायन को रोकने, गरीब परिवारों की आय बढ़ाने और गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाती रही है।
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार बजट में कटौती, भुगतान में देरी और नियमों में बदलाव कर मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने इसे मेहनतकश वर्ग के अधिकारों को छीनने की साजिश बताया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी और हिमाचल प्रदेश सरकार मनरेगा को खत्म या कमजोर करने वाले किसी भी प्रस्ताव का कड़ा विरोध करेगी। राज्य सरकार ग्रामीण मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ है। इसे समाप्त करने का प्रयास सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के खिलाफ है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मनरेगा को लेकर केंद्र और विपक्षी दलों के बीच टकराव आने वाले समय में और तेज हो सकता है, खासकर तब जब ग्रामीण रोजगार और महंगाई बड़ा मुद्दा बना हुआ है।










