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VBGRA बिल पर हंगामा: बिना बहस जबरन पारित किया गया कानून, विपक्ष ने बताया तानाशाही

VBGRA बिल को बिना बहस ‘बुलडोजर’ से पास किया गया, यह कानून नहीं तानाशाही है: विपक्ष

नई दिल्ली।लोकसभा में VBGRA (VBGRA Bill) को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। कांग्रेस सांसद माणिक्कम टैगोर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस व विपक्षी दलों ने इस “काले और जनविरोधी कानून” के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया, लेकिन संसद टीवी को ब्लैकआउट कर दिया गया और बाद में बिना समुचित बहस के बिल को पारित करा दिया गया।

माणिक्कम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस, डीएमके और सीपीएम के सांसद—
हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, शफी परम्बिल, गोपीनाथ, एस. कंथ,
डीएमके के मुरुसोली, और सीपीएम के सुवेन्दु (SuVe4Madurai)
सचिव जनरल की मेज तक पहुंचे और मांग की कि इस जनविरोधी बिल को पास न किया जाए।

“हमने नियमों का पालन किया, सरकार ने बाहर फिंकवा दिया”

टैगोर ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने संसदीय नियमों के तहत विरोध किया, लेकिन सरकार ने उन्हें सदन से बाहर करवा दिया।

“सदन ठीक से नहीं चला, न कोई ढंग की बहस हुई, न प्रक्रिया का सम्मान हुआ, फिर भी बिल को जबरन पारित कर दिया गया।”

उन्होंने इसे कानून निर्माण नहीं बल्कि तानाशाही करार दिया।

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संसद की आवाज दबाने का आरोप

कांग्रेस नेता ने कहा कि

“यह संयोग नहीं है कि इसी जल्दबाजी में महात्मा गांधी का नाम भी हटाया गया। यह सरकार की मानसिकता को दर्शाता है— गांधी को मिटाओ, संसद को चुप कराओ और काले कानून थोपो।”

उन्होंने कहा कि सच को ब्लैकआउट नहीं किया जा सकता, और इतिहास इस दिन को याद रखेगा, जब विपक्ष ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाई।

सुप्रिया श्रीनेत का पलटवार

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि

“झूठ बोलने के चक्कर में किरण रिजिजू जी ने वही वीडियो शेयर कर दी, जिसे संसद टीवी ने ब्लैकआउट कर दिया था।”

उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिखता है कि कांग्रेस और विपक्षी सांसदों ने VBGRA बिल का कड़ा विरोध किया, लेकिन सरकार ने हर प्रक्रिया को ताक पर रखकर इस श्रमिक विरोधी कानून को पारित करा दिया।

“सदन से सड़क तक लड़ेगा विपक्ष”

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि

“यह मोदी सरकार की असली मानसिकता है— संसद को दबाना और गरीब–मजदूर विरोधी कानून थोपना। लेकिन इतिहास और वक्त दोनों याद रखेंगे कि विपक्ष मजदूरों के हक में एकजुट होकर खड़ा रहा।”

उन्होंने दोहराया कि यह लड़ाई सदन से लेकर सड़क तक जारी रहेगी।


 

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