
‘डॉनरो डॉक्ट्रिन’ की एंट्री: शशि थरूर ने अमेरिका की नई आक्रामक विदेश नीति पर जताई चिंता
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ‘डॉनरो डॉक्ट्रिन’ को लेकर अमेरिका की बदली हुई विदेश नीति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 1823 की नीति को नए रूप में लागू कर अमेरिका 2026 में पश्चिमी गोलार्ध की राजनीति को नया आकार दे रहा है।
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ राजनयिक शशि थरूर ने अमेरिका की विदेश नीति में बड़े बदलाव को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि “डॉनरो डॉक्ट्रिन (Donroe Doctrine) अब आधिकारिक रूप से सामने आ चुकी है”, जो पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करेगी।
शशि थरूर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने पुत्र और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक ईशान थरूर के लेख का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका 1823 की मोनरो डॉक्ट्रिन को नए और अधिक आक्रामक स्वरूप में पुनर्जीवित कर रहा है।
2026 के लिए नई रणनीति थरूर के अनुसार,
- “Operation Absolute Resolve”
- “Trump Corollary”
जैसी पहलों के जरिए अमेरिका 2026 में पश्चिमी गोलार्ध (Western Hemisphere) की राजनीति और शक्ति संतुलन को बदलने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने इसे पिछले कई दशकों में सबसे आक्रामक रणनीतिक बदलाव करार दिया।
शशि थरूर ने संकेत दिया कि यह नीति बदलाव न केवल अमेरिका-लैटिन अमेरिका संबंधों को प्रभावित करेगा, बल्कि वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने ईशान थरूर के लेख को “नई वैश्विक राजनीति के नियमों को समझने के लिए बेहद जरूरी” बताया।










