
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में उच्चस्तरीय बैठक लेकर भर्ती परीक्षाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी परीक्षाएं पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से कराने के निर्देश दिए।
रायपुर, 6 जनवरी 2026//मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5 जनवरी को महानदी भवन में राज्य में आयोजित की जा रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की विस्तृत समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य सभी भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाना था। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अत्यंत मेहनत और समर्पण के साथ करते हैं, इसलिए यह सरकार की जिम्मेदारी है कि भर्ती प्रक्रिया के किसी भी चरण में उनके साथ अन्याय न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएं और समय के अनुरूप परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि चयन प्रक्रिया पर कोई प्रश्नचिन्ह न लगे।
उन्होंने कहा कि भर्ती व्यवस्था में सुधार और सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे न केवल चयन प्रक्रिया सरल और न्यायपूर्ण होगी, बल्कि विभागों को समय पर योग्य मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेगा।
बैठक में पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को चयन प्रणाली की प्रभावशीलता, विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वर्तमान में समान शैक्षणिक योग्यता वाले पदों के लिए अलग-अलग विभागों द्वारा पृथक परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। इस संदर्भ में समान योग्यता वाले पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को वर्तमान आवश्यकताओं और समसामयिक विषयों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील; अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लई और मनोज कुमार पिंगुआ; डीजीपी अरुण देव गौतम; मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह; एडीजीपी विवेकानंद सिन्हा; सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत; मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, राहुल भगत और पी. दयानंद; सचिव हिमशिखर गुप्ता; उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार; एडीजीपी एस.आर.पी. कल्लूरी और एडीजीपी अमित कुमार, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









