
दिल्ली एयरपोर्ट पर CISF, NSG और दिल्ली पुलिस का जॉइंट काउंटर-टेरर मॉक ड्रिल, हाई-इंटेंसिटी अभ्यास
दिल्ली एयरपोर्ट पर CISF, NSG और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त काउंटर-टेररिस्ट एक्सरसाइज़ का आयोजन किया। एयर इंडिया GSD कॉम्प्लेक्स में आतंकी हमले की सिमुलेशन के जरिए सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त तैयारी और समन्वय का प्रदर्शन किया गया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर हाई-इंटेंसिटी जॉइंट काउंटर-टेरर एक्सरसाइज़
नई दिल्ली: देश की विमानन सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली एयरपोर्ट पर एक उच्च स्तरीय संयुक्त काउंटर-टेररिस्ट अभ्यास (Joint Counter-Terrorist Exercise) का आयोजन किया।
यह मॉक ड्रिल एयर इंडिया GSD कॉम्प्लेक्स गेट पर संभावित आतंकी हमले की स्थिति को ध्यान में रखते हुए की गई, जिसमें रियल-टाइम संकट प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल का परीक्षण किया गया।
इस अभ्यास में CISF की विभिन्न विशेष इकाइयों —
- QRT (क्विक रिएक्शन टीम)
- BDDS (बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड)
- डॉग स्क्वॉड
के साथ-साथ NSG, दिल्ली पुलिस, BCAS, ARFF (DIAL), दिल्ली फायर सर्विस, चिकित्सा सेवाएं और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया।
सभी एजेंसियों ने बेहद समन्वय और पेशेवर दक्षता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी आपात स्थिति में संयुक्त सुरक्षा तंत्र पूरी तरह तैयार है।
मॉक ड्रिल के दौरान आतंकवादी हमले की सिमुलेशन स्थिति में
- संदिग्धों की पहचान
- त्वरित इलाके की घेराबंदी
- यात्रियों की सुरक्षा
- बम निरोधक कार्रवाई
- घायलों को तत्काल मेडिकल सहायता
जैसे सभी अहम पहलुओं का सफल अभ्यास किया गया। यह ड्रिल राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा ढांचे की मजबूती को दर्शाती है।
अभ्यास के समापन पर NSG, दिल्ली पुलिस और CISF के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संयुक्त डी-ब्रीफिंग की गई। इसमें ऑपरेशन के हर चरण की समीक्षा की गई और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा किए गए।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर-एजेंसी सहयोग और समन्वय ही किसी भी बड़े खतरे से निपटने की सबसे बड़ी ताकत है।
CISF ने दोहराया कि वह देश की महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं, विशेषकर हवाई अड्डों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बल ने स्पष्ट किया कि वह हर परिस्थिति में सतर्क, तैयार और मिशन-रेडी है।
यह संयुक्त अभ्यास न केवल सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता को दर्शाता है, बल्कि आम नागरिकों को भी यह भरोसा दिलाता है कि देश की विमानन सुरक्षा मजबूत हाथों में है।










