
भारतीय सेना ने लॉजिस्टिक्स के आधुनिकीकरण के लिए DIME डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया
भारतीय सेना और BISAG-N द्वारा विकसित DIME डिजिटल प्लेटफॉर्म से लॉजिस्टिक सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव, 70% कागजी कार्य में कमी और रियल-टाइम एसेट विज़िबिलिटी संभव।
नई दिल्ली: भारतीय सेना ने अपने लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए Depot Integration Management Edition (DIME) नामक अखिल-सेना डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। यह प्लेटफॉर्म यूनिट स्तर से लेकर आर्मी हेडक्वार्टर तक लॉजिस्टिक वस्तुओं की रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करेगा।
यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म भारतीय सेना और BISAG-N (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। DIME अब सेना के सभी डिपो और यूनिट्स में मानकीकृत डिजिटल वर्कफ्लो को लागू कर चुका है, जिससे लॉजिस्टिक्स प्रणाली में पारदर्शिता, गति और सटीकता बढ़ेगी।
DIME प्लेटफॉर्म के माध्यम से कमांडरों को इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड, एक्सेप्शन अलर्ट और प्रिडिक्टिव स्टॉक एनालिटिक्स की सुविधा मिलेगी। इससे वे लॉजिस्टिक आवश्यकताओं का पूर्वानुमान लगाकर समय रहते निर्णय ले सकेंगे और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर पाएंगे।
स्वचालित प्रक्रियाओं के जरिए यह प्लेटफॉर्म लगभग 70 प्रतिशत तक कागजी कार्य को कम करेगा और लॉजिस्टिक्स साइकिल को लगभग एक-तिहाई तक छोटा करेगा। इसके साथ ही, पूरे लॉजिस्टिक इकोसिस्टम में निकट-रीयल टाइम एसेट विज़िबिलिटी उपलब्ध कराएगा, जिससे सामग्री की उपलब्धता और मूवमेंट पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।
सेना अधिकारियों के अनुसार, DIME के लागू होने से परिचालन तत्परता में वृद्धि होगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज़ व सटीक बनेगी। यह पहल भारतीय सेना के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।
DIME प्लेटफॉर्म को सेना के लॉजिस्टिक्स ढांचे में एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य की चुनौतियों के लिए भारतीय सेना को और अधिक सक्षम बनाएगा।









