
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द पटरी पर, जींद–सोनीपत रूट पर होगा ट्रायल
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद–सोनीपत रूट पर जल्द दौड़ेगी। शून्य उत्सर्जन और स्वच्छ ऊर्जा के साथ रेलवे में नई क्रांति।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द पटरी पर, जींद–सोनीपत रूट पर होगा संचालन
नई दिल्ली | 10 जनवरी 2026|भारतीय रेलवे एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द ही हरियाणा के जींद–सोनीपत रूट पर दौड़ने के लिए तैयार है। यह ट्रेन शून्य उत्सर्जन, अत्याधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा का प्रतीक होगी, जो देश के हरित परिवहन (Green Transport) लक्ष्य को नई गति देगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित यह ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होगी और इससे कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी आएगी। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विज़न की दिशा में रेलवे की एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।
स्वच्छ ऊर्जा से चलेगा भविष्य का रेल नेटवर्क
हाइड्रोजन ट्रेन में फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के संयोजन से बिजली उत्पन्न होगी। इस प्रक्रिया में केवल जल (पानी) उत्सर्जित होगा, जिससे पर्यावरण पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
जींद–सोनीपत रूट का चयन क्यों?
हरियाणा का जींद–सोनीपत सेक्शन देश के प्रमुख गैर-विद्युतीकृत रूट्स में शामिल रहा है। इस रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन भविष्य में अन्य क्षेत्रों में इस तकनीक के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।
रेलवे के आधुनिकीकरण की नई पहचान
भारतीय रेलवे पहले ही वंदे भारत, अमृत भारत स्टेशन योजना और हाई-स्पीड कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के जरिए आधुनिकीकरण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन इसी कड़ी में ग्रीन रेलवे की मजबूत नींव रखेगी।
यह ट्रेन सिर्फ एक नया साधन नहीं, बल्कि स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में भारत का मजबूत कदम है।










