कोयला शुल्क घोटाला: ईडी ने छत्तीसगढ़ में 2.66 करोड़ की आठ अचल संपत्तियां की कुर्क
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED), रायपुर आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत छत्तीसगढ़ में कोयला शुल्क की अवैध वसूली से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने अनंतिम कुर्की आदेश (PAO) जारी करते हुए आरोपियों द्वारा अर्जित 2.66 करोड़ रुपये मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को कुर्क किया है।
ईडी के अनुसार, यह संपत्तियां भूमि पार्सल और आवासीय फ्लैट के रूप में हैं, जिन्हें इस मामले की प्रमुख आरोपी श्रीमती सौम्या चौरसिया, निखिल चंद्रकार और अन्य सह-आरोपियों द्वारा अपराध से अर्जित धन से खरीदा गया था।
कोयला शुल्क की अवैध वसूली से जुड़ा है मामला
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन और कारोबार से जुड़े कार्यों के दौरान अवैध रूप से कोयला शुल्क की वसूली की गई। इस अवैध वसूली से प्राप्त धन को विभिन्न माध्यमों से अचल संपत्तियों में निवेश किया गया, जिसे ईडी ने अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) माना है।
पहले दर्ज मामलों के आधार पर कार्रवाई
ईडी ने यह जांच राज्य पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) और उससे जुड़े दस्तावेजों के आधार पर शुरू की थी। जांच के दौरान धन शोधन के स्पष्ट साक्ष्य मिलने के बाद ईडी ने संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की।
कई आरोपियों के खिलाफ जांच जारी
ईडी के अनुसार, इस मामले में केवल संपत्ति कुर्की तक ही कार्रवाई सीमित नहीं है। जांच के दौरान कई व्यक्तियों से पूछताछ की गई है और दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। एजेंसी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में और भी कुर्की और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकने की दिशा में सख्त कदम
प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों, विशेषकर खनिज संसाधनों से जुड़े अवैध कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में एजेंसी की कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।
ईडी का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया कानून के तहत पूरी की जाएगी, ताकि अवैध रूप से कमाए गए धन का उपयोग रोका जा सके।











