कृषि सवेरा: बुआई से पहले बीजोपचार से बढ़ाएं फसल की सुरक्षा और उत्पादन

कृषि सवेरा: हर सुबह खेती की सही जानकारी किसानों के लिए

नई दिल्ली।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने अपनी नई पहल “कृषि सवेरा” के माध्यम से किसानों को हर सुबह खेती और फसल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देने का अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को बीजोपचार, रोग नियंत्रण और स्वस्थ फसल उत्पादन के लिए जागरूक करना है।

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बीजोपचार (Seed Treatment) के फायदे

कृषि सवेरा में विशेष रूप से बीजोपचार पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, बुआई से पहले बीजों को फफूंदनाशक या जैविक घोल में भिगोना अत्यंत लाभकारी है। इसके फायदे हैं:

  • बेहतर अंकुरण (Germination)
  • बीजजनित रोगों से सुरक्षा
  • मजबूत शुरुआती वृद्धि (Seedling Growth)

कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि बीजोपचार न केवल फसल सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद करता है।

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किसानों के लिए इंटरएक्टिव प्लेटफ़ॉर्म

कृषि सवेरा किसानों से उनकी खेती संबंधी उपयोगी टिप्स साझा करने के लिए कह रहा है। किसान कमेंट सेक्शन में अपने अनुभव लिख सकते हैं, और उनके सुझाव आने वाले पोस्ट में प्रकाशित हो सकते हैं।

साथ ही, किसानों की सुविधा के लिए कॉल सेंटर उपलब्ध है:
📞 1800-180-1551 (सुबह 6 बजे – रात 10 बजे)

किसान मंत्रालय की आधिकारिक सोशल मीडिया प्रोफाइल @AgriGoI को फॉलो करके लाइव अपडेट और खेती से जुड़ी टिप्स प्राप्त कर सकते हैं।


बीजोपचार के आसान स्टेप्स

  1. बीज का चयन: स्वस्थ और प्रमाणित बीज चुनें।
  2. फफूंदनाशक/जैविक घोल तैयार करें: बीजों को उपचारित करने के लिए घोल बनाएं।
  3. बीज भिगोना: बीजों को 30–60 मिनट तक घोल में डुबोएँ।
  4. सुखाना और बुआई: हल्का सुखाकर खेत में बोएँ।
  5. नियमित निरीक्षण: अंकुरण और शुरुआती वृद्धि की निगरानी करें।

इस प्रक्रिया से बीजजनित रोगों का खतरा लगभग 70–80% तक कम किया जा सकता है।