
सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय | सूरजपुर समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सूरजपुर में शासकीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही सुशासन की पहचान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
सूरजपुर में शासकीय योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
रायपुर | 18 जनवरी 2026 |छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सेवाभाव के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री साय ने कल सूरजपुर जिले में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने जिला अधिकारियों को मैदानी स्तर पर नियमित भ्रमण करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी फील्ड स्तर के अधिकारी अपने-अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को चांदनी बिहारपुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठोस प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ की जा सकें।
धान खरीदी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी खरीदी केंद्रों में छाया, पानी, बैठने की व्यवस्था सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सड़कों के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने तथा अस्पतालों में स्वास्थ्य अमले द्वारा सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर एस. जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।









