
मनरेगा पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, मोदी सरकार पर मजदूरों को कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनरेगा को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों से अधिकार छीनकर सत्ता का केंद्रीकरण करना चाहती है।
मनरेगा को लेकर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोले – मज़दूरों को ग़ुलाम बनाने की साज़िश
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में आरोप लगाया कि मोदी सरकार का उद्देश्य मनरेगा को कमजोर कर मज़दूरों के अधिकार छीनना है।
राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार मनरेगा को इसलिए बर्बाद करना चाहती है ताकि मज़दूरों से दिहाड़ी के मोल-भाव का अधिकार छीना जा सके, पंचायतों की ताकत खत्म की जा सके और राज्यों से अधिकार छीनकर सब कुछ दिल्ली में केंद्रीकृत किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां देश को एक बार फिर राजा-महाराजाओं के ज़माने की ओर धकेल रही हैं, जहां सत्ता और संपत्ति कुछ गिने-चुने लोगों के हाथों में सिमट कर रह जाए।
“मनरेगा ने हमारी ज़िंदगी बदली”
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि मनरेगा ने देश के करोड़ों श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी, साल-भर काम की गारंटी, और सम्मान के साथ रोज़गार का अधिकार दिया। इस योजना के ज़रिए ग्रामीण भारत में आज़ादी और आत्मसम्मान के साथ काम करने का माहौल बना, जिसे खड़ा करने में दशकों का समय लगा।
उन्होंने कहा कि पहले श्रमिक एक आवाज़ में कहते थे –
“मनरेगा ने हमारी ज़िंदगी बदली।”
लेकिन आज वही श्रमिक यह कहने को मजबूर हैं कि –
“मोदी सरकार मज़दूरों को ग़ुलाम बनाने वाली सरकार है।”
केंद्र सरकार की नीतियों पर सीधा आरोप
राहुल गांधी का आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा के बजट में कटौती, भुगतान में देरी और नियमों को जटिल बनाकर इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक योजना पर हमला नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत, मजदूर वर्ग और संविधान की भावना पर हमला है।
राजनीतिक बयान तेज होने के संकेत
मनरेगा को लेकर राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में रोजगार, महंगाई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर बहस तेज है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।










