महतारी वंदन योजना से ममता जायसवाल बनी आर्थिक रूप से सशक्त

महतारी वंदन योजना से ममता जायसवाल बनी आर्थिक रूप से सशक्त

अंबिकापुर, 30 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ सरकार की ’महतारी वंदन योजना’ आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए एक व्यवसायिक मॉडल की तरह काम कर रही है। अम्बिकापुर के मिशन चौक की रहने वाली श्रीमती ममता जायसवाल ने इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग घर खर्च के बजाय अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार देने में किया है। ममता की कहानी दिखाती है कि कैसे 1000 रुपये की मासिक सहायता एक महिला उद्यमी के लिए वर्किंग कैपिटल का आधार बन सकती है।

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सब्जी व्यवसाय में निवेश से बढ़ी आमदनी

सब्जी का कारोबार कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली ममता ने महतारी वंदन योजना की महत्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि को सुरक्षित रखकर अपनी सब्जी दुकान में निवेश किया है। ममता ने कहा, “मैंने इन पैसों को इधर-उधर खर्च नहीं किया, बल्कि व्यवसाय में लगाया। आज इसी निवेश की बदौलत मेरा छोटा सा कारोबार सुचारू रूप से चल रहा है और घर का खर्च भी आसानी से निकल रहा है।”

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शिक्षा में प्राथमिकता: बच्चों का भविष्य

ममता के लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके दो बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि सब्जी व्यवसाय से होने वाले मुनाफे और महतारी वंदन की किस्तों के मेल से वे अपने बच्चों को अच्छी पढ़ाई करा पा रही हैं। उनका मानना है कि जब एक मां आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो इसका सीधा लाभ बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलता है।

किस्त दर किस्त बढ़ता भरोसा

ममता ने यह भी बताया कि आज महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी हुई है। उन्होंने इसे ‘नए साल का उपहार’ बताते हुए कहा कि इन किस्तों ने महिलाओं के भीतर सुरक्षा और आत्मविश्वास का भाव पैदा किया है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से अब उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती

आर्थिक सशक्तिकरण का मॉडल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित यह योजना आज प्रदेश की महिलाओं के आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुकी है। ममता ने भावुक होते हुए कहा, “सरकार की ओर से हमें जो मदद मिल रही है, उससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को बहुत बड़ा संबल मिला है।” उन्होंने इस समर्थन और सम्मान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।