
Union Budget 2026–27: एविएशन सेक्टर को बढ़ावा, नागरिक प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण में लगने वाले पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी माफ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026–27 में नागरिक प्रशिक्षण विमानों और अन्य एयरक्राफ्ट के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स व पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी समाप्त करने का प्रस्ताव रखा।
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026/ Union Budget 2026–27 में केंद्र सरकार ने एविएशन सेक्टर को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान घोषणा की कि नागरिक प्रशिक्षण विमानों (Civilian Training Aircraft) और अन्य विमानों के निर्माण में उपयोग होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य भारत में विमान निर्माण को बढ़ावा देना, आयात लागत को कम करना और देश को एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है। कस्टम ड्यूटी हटने से विमान निर्माण की लागत घटेगी, जिससे घरेलू कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।
पायलट ट्रेनिंग और एविएशन इकोसिस्टम को लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला पायलट ट्रेनिंग सेक्टर के लिए भी बेहद अहम साबित होगा। नागरिक प्रशिक्षण विमानों की लागत कम होने से फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को फायदा मिलेगा और देश में पायलट प्रशिक्षण को और किफायती बनाया जा सकेगा।
भारत में नागरिक उड्डयन तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में हजारों नए पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत होगी। ऐसे में यह कदम मानव संसाधन विकास और रोजगार सृजन में भी सहायक माना जा रहा है।
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती
सरकार का मानना है कि यह निर्णय मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। विमान निर्माण में उपयोग होने वाले पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी समाप्त होने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन मिलेगा और विदेशी कंपनियां भी भारत में उत्पादन के लिए आकर्षित होंगी।
BJP ने इस घोषणा को #ViksitBharatBudget के तहत साझा करते हुए कहा कि मोदी सरकार एविएशन, डिफेंस और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारत की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है।
एविएशन इंडस्ट्री में निवेश बढ़ने की उम्मीद
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग, मेंटेनेंस और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा। साथ ही, यह कदम भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर विमान निर्माण और प्रशिक्षण के क्षेत्र में मजबूत स्थिति दिला सकता है।
सरकार का कहना है कि यह बजट प्रस्ताव विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और उन्नत तकनीक के जरिए देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।











