
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस का हमला, ट्रंप की घोषणा और मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार से जवाब मांगा है। किसानों, उद्योग, तेल आयात और ‘मेक इन इंडिया’ पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
ट्रंप ने की ट्रेड डील की घोषणा, कांग्रेस ने मोदी सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि जिस तरह पहले सीजफायर की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी, उसी तरह इस बार भी ट्रेड डील की जानकारी ट्रंप की ओर से सामने आई है। कांग्रेस के मुताबिक ट्रंप ने दावा किया है कि यह ट्रेड डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “अनुरोध” पर की जा रही है, जबकि सरकार ने अब तक इसकी शर्तों और प्रभावों पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
भारत का बाजार अमेरिका के लिए खोलने का आरोप
कांग्रेस ने कहा कि ट्रंप के बयान के अनुसार भारत, अमेरिका के लिए टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को शून्य (0%) करने जा रहा है।
अगर यह दावा सही है, तो इसका मतलब भारत ने अमेरिकी उत्पादों के लिए अपना बाजार पूरी तरह खोल दिया है।
पार्टी का कहना है कि इससे
- भारतीय उद्योगों को भारी नुकसान होगा,
- छोटे व्यापारियों पर दबाव बढ़ेगा,
- और किसानों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।
कृषि क्षेत्र को लेकर चिंता
कांग्रेस ने ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोलने की बात पर भी सवाल उठाए हैं।
पार्टी ने पूछा है कि:
- इस सौदे की वास्तविक शर्तें क्या हैं?
- किसानों के हितों और सुरक्षा को कैसे सुनिश्चित किया गया है?
- क्या किसानों से जुड़े संगठनों से कोई परामर्श लिया गया?
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कहीं किसानों की कीमत पर तो कोई समझौता नहीं किया गया।
रूस से तेल खरीद पर भी सवाल
कांग्रेस ने ट्रंप के उस कथित बयान पर भी चिंता जताई है, जिसमें कहा गया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
पार्टी ने सवाल किया कि:
- क्या यह शर्त ट्रेड डील का हिस्सा है?
- क्या भारत की स्वतंत्र विदेश नीति से समझौता किया जा रहा है?
- ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे पर फैसला किसके दबाव में लिया जा रहा है?
‘मेक इन इंडिया’ पर प्रश्नचिह्न
कांग्रेस ने कहा कि अगर भारत अमेरिका से अधिक सामान खरीदने पर सहमत हुआ है, तो फिर ‘मेक इन इंडिया’ का क्या होगा?
पार्टी के मुताबिक इससे
- घरेलू उत्पादन कमजोर होगा,
- आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को झटका लगेगा,
- और रोजगार के अवसरों पर असर पड़ेगा।
संसद और देश को जानकारी देने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि:
- ट्रेड डील में किन बिंदुओं पर बातचीत हुई,
- क्या शर्तें तय हुईं,
- और भारत ने क्या दिया, क्या हासिल किया।
पार्टी ने मांग की है कि मोदी सरकार संसद और पूरे देश को विश्वास में लेकर ट्रेड डील की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे और इस पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए।









