नई दिल्ली।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच वर्षों से एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी रही है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुआ इंडो-यूएस न्यूक्लियर डील था।
खड़गे ने कहा कि उस समय कांग्रेस-यूपीए सरकार ने संसद को विश्वास में लेकर पूरी पारदर्शिता के साथ समझौते किए थे। लेकिन मौजूदा परिदृश्य इसके बिल्कुल विपरीत है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित ट्रेड डील के बारे में देश को कोई जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल 18 प्रतिशत टैरिफ कम करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया, लेकिन यह नहीं बताया कि डील में भारत ने क्या दिया और क्या पाया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि संसद सत्र के दौरान सरकार ने संसद में चर्चा करने के बजाय बाहरी मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से बात क्यों की, और समझौते का कोई विवरण क्यों साझा नहीं किया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीन अहम सवाल उठाते हुए कहा कि ये अब तक अनुत्तरित हैं—
1️⃣ क्या भारत ने अमेरिकी दबाव में किसी तरह का समझौता किया है?
क्या अमेरिकी आयात पर शून्य (Zero) टैरिफ मान लिया गया है, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप दावा कर रहे हैं?
2️⃣ क्या भारतीय किसान सुरक्षित हैं?
क्या भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए अपना कृषि बाज़ार आंशिक या पूर्ण रूप से खोल दिया है?
3️⃣ क्या भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा?
इस संबंध में भारत ने रूस को क्या संदेश दिया है?
खड़गे ने कहा कि संसद और देश की 140 करोड़ जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि ट्रेड डील की वास्तविक शर्तें क्या हैं। उन्होंने सरकार से तुरंत संसद में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।











