मेघालय हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शोक, ब्लैक स्वान समिट में फिनटेक, AI और महिला सशक्तिकरण पर बड़ा संदेश

मेघालय हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया शोक, ओडिशा में ब्लैक स्वान समिट में फिनटेक, AI और महिला सशक्तिकरण पर दिया प्रेरक संदेश

नई दिल्ली/भुवनेश्वर।भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में हुए दर्दनाक हादसे में मजदूरों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर संवेदना संदेश जारी करते हुए कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में श्रमिकों की जान जाने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

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राष्ट्रपति ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और ईश्वर उन्हें यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

इसी क्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के सिमलीपाल पहुंचीं, जहां उन्होंने जनजातीय समुदाय की महिलाओं और युवाओं से संवाद किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।

राष्ट्रपति ने जनजातीय युवाओं से कड़ी मेहनत करने, आत्मनिर्भर बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भुवनेश्वर में आयोजित ‘ब्लैक स्वान समिट, इंडिया’ में शिरकत की। यह कार्यक्रम ओडिशा सरकार और ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने डिजिटल, वित्तीय और बीमा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने की दिशा में ओडिशा सरकार की ‘भारतनेत्र’ पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि आज एक साधारण स्मार्टफोन और बैंक खाते के माध्यम से महिलाएं सीधे अपने खाते में सरकारी लाभ प्राप्त कर रही हैं, किसान समय पर भुगतान पा रहे हैं और छोटे दुकानदार डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में फिनटेक केवल एक तकनीकी शब्द नहीं रह गया है, बल्कि आम लोगों की जीवनरेखा बन चुका है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारी अर्थव्यवस्था और समाज को बदल रहा है। भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया IndiaAI मिशन एआई अनुसंधान, नवाचार और इसके नैतिक उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कौशल विकास को आगे बढ़ाना, वैश्विक क्षमता केंद्रों की स्थापना करना और नवाचार क्षमता को सुदृढ़ करना — यह सभी मानव पूंजी में निवेश हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की फिनटेक कहानी को केवल तकनीक की सफलता के रूप में नहीं, बल्कि लैंगिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की कहानी के रूप में भी याद किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ही समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।