
India Health Report 2025: बाल मृत्यु दर में कमी पर दुनिया ने सराहा भारत
UN रिपोर्ट 2025 में भारत की बाल मृत्यु दर में कमी की सराहना की गई है। जानिए कैसे भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की।
India’s Global Health Milestone: बाल मृत्यु दर में भारत की ऐतिहासिक कमी, दुनिया ने सराहा
नई दिल्ली | विश्लेषण|भारत ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में जारी UN Inter-agency Group for Child Mortality Estimation की **रिपोर्ट 2025** में भारत की सराहना करते हुए कहा गया है कि देश ने पिछले तीन दशकों में बाल मृत्यु दर को कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
क्या कहती है रिपोर्ट?
रिपोर्ट के अनुसार:
नवजात (Neonatal) मृत्यु दर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है
पांच वर्ष से कम आयु (Under-five) के बच्चों की मृत्यु दर में भी तेज कमी आई है
भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार किया है
यह प्रगति न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तीन दशकों की सतत कोशिश का परिणाम
पिछले 30 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़े सुधार किए हैं:
✔️ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
✔️ टीकाकरण अभियान को मजबूत करना
✔️ पोषण योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन
✔️ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना
इन प्रयासों के कारण आज लाखों बच्चों की जान बचाई जा सकी है।
वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका
भारत की यह उपलब्धि वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडा में उसकी बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे बड़े देश में इस तरह की प्रगति दुनिया के अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
अभी भी चुनौतियां बाकी
हालांकि प्रगति सराहनीय है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं:
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की असमानता
कुपोषण की समस्या
नवजात देखभाल में सुधार की जरूरत
इन चुनौतियों को दूर करना अगले चरण की प्राथमिकता होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
यह उपलब्धि दिखाती है कि
👉 सही नीतियों और योजनाओं से बड़े बदलाव संभव हैं
👉 स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश का सीधा असर समाज पर पड़ता है
👉 भारत वैश्विक स्तर पर एक जिम्मेदार और प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है
भारत की यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों की खुशियों और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है।
आने वाले समय में, यदि इसी गति से सुधार जारी रहता है, तो भारत न केवल अपने नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करेगा, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।












