संसद बजट सत्र 2026: तीसरे सप्ताह का आज आखिरी दिन; विपक्ष का भारी हंगामा, इन अहम बिलों पर टिकी नजर






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संसद के बजट सत्र के तीसरे सप्ताह का आज आखिरी दिन: हंगामे के आसार, कई अहम विधेयकों पर हो सकती है चर्चा

ब्यूरो चीफ: आशीष सिन्हा
27 मार्च, 2026 | नई दिल्ली
आज सदन की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है क्योंकि बजट सत्र के तीसरे सप्ताह का आज अंतिम कार्यदिवस है। कई मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा अधूरी है।

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का तीसरा सप्ताह आज अपने अंतिम पड़ाव पर है। पिछले चार दिनों की तरह आज भी सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। जहाँ सत्ता पक्ष लंबित विधायी कार्यों को पूरा करने की कोशिश करेगा, वहीं विपक्ष विभिन्न जनहित के मुद्दों और महंगाई पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है।

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आज की कार्यसूची में क्या है खास?

  • मंत्रालयों की अनुदान मांगें: लोकसभा में आज सड़क परिवहन और ग्रामीण विकास मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान हो सकता है।
  • विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव: विपक्षी दलों ने बेरोजगारी और बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) देने का फैसला किया है।
  • निजी संकल्प (Private Members’ Business): चूंकि आज शुक्रवार है, इसलिए दोपहर बाद का समय ‘गैर-सरकारी कामकाज’ के लिए आरक्षित रहेगा, जिसमें सांसद अपने व्यक्तिगत विधेयक पेश करेंगे।

तीसरे सप्ताह का लेखा-जोखा

बजट सत्र के इस सप्ताह में डिजिटल डेटा संरक्षण और नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चाएं देखी गईं। हालांकि, राज्यसभा में कई बार हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट के विभिन्न प्रावधानों पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने सदन को अवगत कराया कि कैसे यह बजट ‘विकसित भारत’ की नींव रख रहा है।

आशीष सिन्हा की रिपोर्ट: “सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए, आज का दिन काफी निर्णायक हो सकता है। जनता की नजरें आज संसद से निकलने वाले निष्कर्षों पर टिकी हैं।”