
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: कर्नाटक की मनीषा जोंस सिद्दी ने कुश्ती में जीता गोल्ड, अभावों को हराकर रचा इतिहास
"अम्बिकापुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में कर्नाटक की मनीषा जोंस सिद्दी ने कुश्ती के 76 किग्रा भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता। पिता के निधन के बाद संघर्ष कर हासिल किया मुकाम।"
अम्बिकापुर: संघर्षों से कुश्ती लड़कर मनीषा ने जीता ‘सोना’; खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में कर्नाटक की बेटी ने लहराया परचम
अम्बिकापुर, 31 मार्च 2026 | ब्यूरो रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क
अम्बिकापुर: ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के प्रथम ऐतिहासिक संस्करण में कर्नाटक की बेटी मनीषा जोंस सिद्दी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कुश्ती के 76 किग्रा भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। अभावों के बीच पली-बढ़ी मनीषा की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उनके वर्षों के कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प की विजय है।
पिता के निधन के बाद माँ बनीं संबल
मनीषा का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। जब वह महज पाँचवीं कक्षा में थीं, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। इस बड़े आघात के बावजूद, उनकी माँ ने हार नहीं मानी और अकेले दिन-रात मेहनत करके मनीषा के सपनों को पंख दिए। मनीषा ने पूर्व में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सिल्वर और ब्रोंज मेडल जीते थे, लेकिन उनके करियर का यह पहला गोल्ड मेडल है।
“मेरी माँ मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। हॉस्टल के कोच और साथी खिलाड़ियों ने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया। मेरा बड़ा भाई मेरा मार्गदर्शक है, वहीं छोटा भाई, जो खुद एक एथलीट है, वह मेरी सबसे बड़ी हिम्मत है।” – मनीषा जोंस सिद्दी
स्पोर्ट्स हॉस्टल का मिला साथ
अपनी सफलता का श्रेय साझा करते हुए मनीषा ने कर्नाटक के डिवाइस स्पोर्ट्स हॉस्टल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस जीत के साथ ही मनीषा ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो विपरीत परिस्थितियाँ भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं।












