
अम्बिकापुर: कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का आगाज़, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलेगा ‘मिलेट बार’
कलेक्टर अजीत वसंत ने अम्बिकापुर के खैरवार से कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत की। सरगुजा जिले के 5498 गर्भवती महिलाओं और 5281 बच्चों को 6 माह तक मिलेगा अतिरिक्त पोषण आहार।
कुपोषण के खिलाफ जंग: अम्बिकापुर में ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ शुरू, मिलेट बार से सुधरेगा स्वास्थ्य
अम्बिकापुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य में एनीमिया और कुपोषण की दरों को कम करने के लिए **“कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान”** की महत्वाकांक्षी शुरुआत की गई है। सरगुजा जिले में इस अभियान का शुभारंभ बुधवार को ग्राम खैरवार परियोजना से कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा किया गया।
- लक्षित जिले: सरगुजा और बस्तर संभाग के कुल 08 जिले।
- चिन्हांकित हितग्राही (सरगुजा): 5498 गर्भवती महिलाएं और 5281 कुपोषित बच्चे।
- अवधि: चिन्हांकित हितग्राहियों को 06 माह तक अतिरिक्त पोषण आहार दिया जाएगा।
कलेक्टर वसंत ने कार्यक्रम में उपस्थित गर्भवती महिलाओं और बच्चों के अभिभावकों को नियमित रूप से मिलेट बार और विभागीय पूरक पोषण आहार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि पोषण आहार की गुणवत्ता का समय-समय पर परीक्षण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्थिति में एक्सपायरी तिथि के बाद सामग्री का वितरण न हो।
स्थानीय पोषण पर जोर
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसोदिया ने भी हितग्राहियों को एनीमिया से बाहर आने के लिए नियमित आहार के महत्व को समझाया। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रधान ने बताया कि यह अभियान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य भविष्य में पूरे प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाना है। इस दौरान जनपद सदस्य अनामिका पैकरा और सरपंच देवनाथ तिग्गा भी उपस्थित रहे।












