“बलरामपुर: कलेक्टर की पहल पर ‘ज्ञानभारतम’ अभियान के तहत सहेजी जाएगी प्राचीन पाण्डुलिपियां, जानें कैसे बनें हिस्सा”






बलरामपुर: ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का आगाज | Pradesh Khabar

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0


विरासत का संरक्षण: बलरामपुर में ‘ज्ञानभारतम’ राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान शुरू, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने की अपील

बलरामपुर: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देश की अमूल्य बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। ‘ज्ञानभारतम’ राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के माध्यम से अब जिले के कोने-कोने में छिपी प्राचीन पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण, सूचीकरण और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के कुशल मार्गदर्शन में इस अभियान को गति प्रदान की जा रही है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य: इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण का प्राथमिक लक्ष्य विभिन्न संस्थानों, मंदिरों, मठों और निजी संग्रहों में मौजूद उन पाण्डुलिपियों को खोजना है, जो अब तक औपचारिक रूप से सर्वेक्षित नहीं हो पाई हैं। इनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

पाण्डुलिपियों का महत्व और संरक्षण की आवश्यकता

पाण्डुलिपियां हमारे पूर्वजों द्वारा संचित ज्ञान का जीता-जागत प्रमाण हैं। इनमें प्राचीन चिकित्सा (आयुर्वेद), साहित्य, धर्म, विज्ञान, खगोल शास्त्र और सामाजिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी निहित होती है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन, कीटों का हमला और उचित रख-रखाव के अभाव में ये धरोहरें नष्ट होने की कगार पर हैं। यही कारण है कि इनका डिजिटलीकरण करना अनिवार्य हो गया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

डिजिटल इंडिया की शक्ति: पोर्टल और मोबाइल एप

इस अभियान को सुगम बनाने के लिए सरकार ने ज्ञानभारतम पोर्टल (gyanbharatam.com) और ‘ज्ञानभारतम’ मोबाइल एप लॉन्च किया है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जिसके पास ऐसी पाण्डुलिपियां हैं, वे पोर्टल पर स्वयं जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय यज्ञ का हिस्सा बन सकते हैं।

स्वामित्व की सुरक्षा: सर्वेक्षण के बाद सरकार पाण्डुलिपियों का केवल डिजिटलीकरण और संरक्षण करेगी। पाण्डुलिपियों का मूल स्वामित्व संबंधित व्यक्ति, परिवार या संस्था के पास ही सुरक्षित रहेगा।

बलरामपुर जिले में क्रियान्वयन की रूपरेखा

कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने जिले में इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला और स्थानीय स्तर पर सर्वेक्षण समितियों का गठन किया है। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिवों को सर्वेक्षक नियुक्त किया गया है। वे नोडल अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर और संस्थानों में सर्वेक्षण का कार्य करेंगे।

अभियान की निगरानी के लिए सहायक संचालक शिक्षा श्री रामपथ यादव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन में कोई कोताही न बरती जाए और शत-प्रतिशत सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जाए।

जनभागीदारी के लिए कलेक्टर की अपील

कलेक्टर श्री कटारा ने जिला वासियों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि यह हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा, “यदि आपके पास या आपके आसपास किसी परिवार, मंदिर या मठ में पाण्डुलिपियों की जानकारी है, तो प्रशासन को सूचित कर इस अभियान में सहयोग करें। आपकी एक छोटी सी जानकारी जिले की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर सकती है।”