तारीख: 03 मई 2026
कांकेर में सुशासन की बयार: ‘बस्तर मुन्ने’ और ‘नियद नेल्लानार 2.0’ के तहत 100 गांवों में लगे शिविर
कांकेर: उत्तर बस्तर कांकेर जिले में विकास और सुशासन को गति देने के लिए “बस्तर मुन्ने”, “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार 2.0” अभियान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। शनिवार को जिले के विभिन्न विकासखण्डों के 100 गांवों में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम छोर के ग्रामीणों तक पहुंचाना है।
अंतागढ़
38 गांव
दुर्गूकोंदल
21 गांव
चारामा
11 गांव
कांकेर/नरहरपुर
20 गांव
भानुप्रतापपुर
10 गांव
साल्हेभाट और कोदागांव में मौके पर हुआ निराकरण
अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने कांकेर विकासखण्ड के ग्राम कोदागांव और मांदरी के आश्रित ग्राम साल्हेभाट में आयोजित शिविरों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ग्रामीण उत्साह के साथ अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।
- साल्हेभाट शिविर: 05 नए राशन कार्ड और 02 आयुष्मान कार्ड से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
- कोदागांव शिविर: 06 राशन कार्ड, 06 व्यक्तिगत शौचालय और राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के आवेदनों को स्वीकृत कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
जनता के द्वार तक पहुंचा प्रशासन
कांकेर जिला प्रशासन द्वारा संचालित यह पहल नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है। नियद नेल्लानार 2.0 के माध्यम से बुनियादी ढांचे के साथ-साथ व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिविरों में ग्रामीणों को पेंशन, राशन, स्वास्थ्य और आवास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है और पात्र पाए जाने पर तत्काल पंजीयन किया जा रहा है।









