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कोरबा: माँ सर्वमंगला घाट पर भव्य हसदेव आरती संपन्न, नदी संरक्षण के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़






कोरबा: माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर गूँजा हसदेव का जयघोष, वैशाख पूर्णिमा पर भव्य आरती सम्पन्न | Pradesh Khabar


स्थान: कोरबा (छत्तीसगढ़)
तारीख: 03 मई 2026

माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर भव्य हसदेव आरती: आस्था के संगम के साथ गूँजा नदी संरक्षण का सामूहिक संकल्प

वैशाख पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, दीपों की रोशनी से जगमगाया हसदेव तट

कोरबा: वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर 1 मई को कोरबा की जीवनदायिनी हसदेव नदी के माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर भक्ति और पर्यावरण चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य हसदेव आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच जब सामूहिक आरती शुरू हुई, तो पूरा घाट परिसर अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।

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नदी संरक्षण का सशक्त संदेश

इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य हसदेव नदी और उसके सहायक जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देना था। समिति द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रदूषण नियंत्रण एवं तट सौंदर्यीकरण के प्रयासों को इस आयोजन ने एक नई सामाजिक शक्ति प्रदान की। उपस्थित श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर हसदेव की स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

“हसदेव नदी को स्वच्छ रखना केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। धार्मिक आस्था के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान समाज को नई दिशा दे रहा है।”
– श्री कमलेश मिश्रा (मुख्य प्रबंध ट्रस्टी, गायत्री शक्तिपीठ कोरबा)

विशिष्ट अतिथियों ने की प्रयासों की सराहना

मुख्य यजमान श्री कमलेश मिश्रा के साथ ही विशिष्ट यजमान के रूप में बाल्को सेवानिवृत्त मैत्री संघ के संयोजक श्री जय कृष्ण तिवारी, विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री श्री चेतन कुमार राठौर एवं मैत्री संघ के अध्यक्ष श्री अजय दास वैष्णव उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने समिति के प्रयासों को प्रेरणादायी बताते हुए इसे धार्मिक और पर्यावरणीय चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

भविष्य के लिए संकल्प

समिति के पदाधिकारियों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हसदेव केवल एक नदी नहीं, बल्कि कोरबा की जीवन रेखा है। इस जनजागरण अभियान को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित आरती में शामिल होकर नदी तट पर दीप दान भी किया, जिससे रात्रि का दृश्य अत्यंत मनमोहक हो गया।


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