‘सुशासन तिहार’ से मिल रहा आमजन को सीधा लाभ: आड़ेंगा में वृहद जन समस्या निवारण शिविर संपन्न, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का हुआ अन्नप्राशन
कोंडागांव/केशकाल ब्यूरो: विकास खण्ड केशकाल के ग्राम पंचायत आडे़ंगा में आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत एक बड़े सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। 15 मई 2026 को आयोजित इस वृहद जन समस्या निवारण शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना था।
शिविर के मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन रहे। उनके साथ क्षेत्र के सांसद, स्थानीय विधायक सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने किया स्टॉलों का गहन निरीक्षण
शिविर में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और समाधान देने के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए थे। मुख्य अतिथि लखन लाल देवांगन ने जल संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग, उद्यानिकी विभाग और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी काउंटर का गहन निरीक्षण किया। कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल और जनपद अध्यक्ष नंदनी पोटाई विशेष रूप से उपस्थित थे।
गोदभराई, अन्नप्राशन और विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी
निरीक्षण के दौरान मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने टोकरियों में रखे सुपोषण आहारों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में आई गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की और शिशुओं को खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रेनू प्रकाश ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति और लाभ उठाने की प्रक्रिया के बारे में बताया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- महतारी वंदन योजना
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
- सुकन्या समृद्धि योजना
- नोनी सुरक्षा योजना
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत कानूनी अधिकारों पर फैलाई जागरूकता
शिविर में जिला महिला सशक्तिकरण की टीम ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत बैनर और पोस्टर चस्पा कर ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं को उनके वैधानिक और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। लैंगिक समानता, कन्या भ्रूण हत्या व शिशु मृत्यु दर को रोकने, और बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा को बढ़ावा देने के मुद्दे पर समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई। इसके अतिरिक्त महिलाओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, सही पोषण के महत्व और एनीमिया से बचाव के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
ग्रामीणों को बताया गया सुरक्षा और कानूनी ढांचा
शिविर में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा से जुड़े कानून और आपातकालीन नंबरों की जानकारी देते हुए ब्रोसर बांटे गए, जिनमें निम्नलिखित बिंदु शामिल थे:
- भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता
- कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (प्रतिषेध, निवारण और प्रतितोष) नियम
- टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम
- लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO)
- आपातकालीन सेवा नंबर: चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), महिला हेल्पलाइन (181), एम्बुलेंस सेवा (108) और स्वास्थ्य सेवा (102)।
विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
इस वृहद जन समस्या निवारण शिविर को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग से जिला कार्यक्रम अधिकारी रेनू प्रकाश, प्रभारी परियोजना अधिकारी केशकाल ज्ञाना मण्डावी, सेक्टर सुपरवाइजर, जिला मिशन समन्वयक रीना सिंह ठाकुर, जेंडर विशेषज्ञ माधुरी उसेण्डी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।











