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बस्तर के नेतानार पहुंचे अमित शाह: सेवा-सेतु केंद्र का किया उद्घाटन, चखा इमली का स्वाद | Pradesh Khabar






बस्तर के नेतानार पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह: शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा और सेवा-सेतु केंद्र का किया उद्घाटन, चखा इमली का स्वाद | Pradesh Khabar


बस्तर विकास एवं सुरक्षा

बस्तर के नेतानार में विकास की नई सुबह: अमित शाह ने किया ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ का उद्घाटन, ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर प्रयासों को सराहा

बस्तर ब्यूरो: प्रदेश खबर नेटवर्क
दिनांक: 19 मई, 2026

बस्तर/नेतानार ब्यूरो: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के सुदूर अंचल में स्थित नेतानार ग्राम के सीआरपीएफ (CRPF) कैंप पहुंचे। नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की हौसलाअफजाई करने के साथ ही उन्होंने बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ (जन सुविधा केंद्र) का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास स्टॉलों और प्रशिक्षण केंद्रों का अवलोकन कर स्थानीय जनजातीय महिलाओं से सीधा संवाद किया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकासशील सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

“बस्तर की इमली में बहुत मिठास है” – अमित शाह ने चखा स्वाद

नेतानार दौरे के दौरान अमित शाह इमली प्रसंस्करण केंद्र पहुंचे, जहां वनोपज आधारित स्वरोजगार का प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की। गृह मंत्री ने महिलाओं से बातचीत कर जाना कि कैसे वे इमली की संगठित बिक्री के माध्यम से अपनी घरेलू आय में बढ़ोतरी कर रही हैं। शाह ने खुद बस्तर की प्रसिद्ध इमली का स्वाद चखा और मुस्कुराते हुए कहा कि यहाँ की इमली में बहुत मिठास है।

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केंद्र में कार्यरत गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह की सदस्य लंबी नाग ने गृह मंत्री को बताया कि इस समूह से जुड़कर वे और उनकी साथी महिलाएं सालाना एक लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वर्तमान में समूह की महिलाएं इमली का आधुनिक तरीके से प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं, जिसकी बाजार में भारी मांग है।

सेवा-सेतु केंद्र से ग्रामीणों को 10 किमी के पैदल सफर से मिली मुक्ति

इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री कैंप परिसर में स्थापित उन्नत ‘सेवा-सेतु केंद्र’ पहुंचे। यहाँ उनकी मुलाकात ग्राम नेतानार की निवासी सुखदेवी से हुई। सुखदेवी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का नया आधार कार्ड इसी केंद्र में बनवाया है। सुखदेवी ने भावुक होते हुए कहा कि पहले नया आधार बनवाने या सुधार के लिए उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था। गांव में ही यह केंद्र खुलने से अब ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी (KYC), मोबाइल नंबर अपडेट और ई-आधार जैसी आवश्यक सुविधाएं घर के पास ही मिल रही हैं।

इसी केंद्र में मौजूद सोनामनी ने बताया कि वे काफी समय से महतारी वंदन योजना का ई-केवायसी कराना चाहती थीं, लेकिन बैंकों की दूरी अधिक होने के कारण असमर्थ थीं। गांव में सेवा-सेतु केंद्र खुलने से आज उन्होंने आसानी से अपना ई-केवायसी कार्य पूरा करा लिया।

एक ही छत के नीचे ऑनलाइन प्रमाण पत्र और बैंक सखी का प्रशिक्षण

नेतानार का यह सेवा-सेतु केंद्र स्थानीय ग्रामीणों के लिए डिजिटल वरदान साबित हो रहा है। केंद्र के माध्यम से अब ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यहाँ एक ही जगह पर निम्नलिखित सुविधाएं एकीकृत की गई हैं:

  • ऑनलाइन नागरिक सेवाएं: जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवासी प्रमाण पत्र का त्वरित निर्माण।
  • बैंक सखी मॉडल: केंद्र में स्थानीय महिलाओं को बैंक सखी का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके जरिए महिलाएं गांव के भीतर ही पैसा जमा करना, राशि निकालना, स्व सहायता समूहों के बैंक खाते खोलना, केवायसी, मोबाइल नंबर अपडेट और एसएचजी (SHG) क्रेडिट लिंकेज जैसी वित्तीय सेवाएं दे सकेंगी।

सिलाई और धान ढेकी प्रशिक्षण केंद्रों से सशक्त हो रही हैं महिलाएं

अमित शाह ने शिविर में संचालित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का भी अवलोकन किया, जहां ग्रामीण युवतियों और महिलाओं को बेसिक तथा एडवांस दर्जी सिलाई का हुनर सिखाया जा रहा है। प्रशिक्षण ले रही विजय कुमारी ने बताया कि यहाँ से व्यावसायिक सिलाई सीखने के बाद वे खुद का काम शुरू करेंगी, जिससे वे अपने परिवार का सम्मानजनक पालन-पोषण कर पाएंगी।

दौरे के अंतिम चरण में गृह मंत्री ने ‘धान ढेकी प्रशिक्षण केंद्र’ का रुख किया। पारंपरिक और जैविक पद्धतियों से तैयार होने वाले इस चावल की बिक्री से ग्रामीण महिलाओं की आय में तो बड़ी वृद्धि होगी ही, साथ ही धान की कुटाई से निकलने वाली पौष्टिक भूसी का उपयोग स्थानीय पशुओं के लिए उत्तम आहार के रूप में किया जाएगा। गृह मंत्री ने स्थानीय संसाधनों के इस कुशल प्रबंधन और सुशासन के जमीनी मॉडल की जमकर सराहना की।


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