आज का पंचांग: 19 मई 2026 ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और बुधादित्य योग का विशेष महत्व






आज का पंचांग: 19 मई 2026 ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और बुधादित्य योग का विशेष महत्व

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धर्म एवं पंचांग

आज का पंचांग: 19 मई 2026, ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया; बुधादित्य योग और मृगशिरा नक्षत्र का महासंयोग, जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल की स्थिति

पंचांग डेस्क: प्रदेश खबर नेटवर्क
दिनांक: 19 मई, 2026
स्थान: राष्ट्रीय गणना (नई दिल्ली)

राष्ट्रीय पंचांग डेस्क: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, अनुष्ठान या नए व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले दैनिक पंचांग देखना बेहद अनिवार्य और मंगलकारी माना गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच तत्वों से मिलकर बना होता है, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण शामिल हैं। इन पांचों तत्वों के सटीक विश्लेषण से हमें दिन के शुभ और अशुभ समय का ज्ञान होता है।

आज मंगलवार, 19 मई 2026 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से बेहद खास है, क्योंकि आज आकाशमंडल में बुद्धि के प्रदाता बुध और ऊर्जा के स्रोत सूर्य की युति से अत्यंत फलदायी ‘बुधादित्य योग’ का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही आज हनुमान जी की आराधना का विशेष दिन यानी मंगलवार है। आइए जानते हैं आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, शुभ मुहूर्त और राहुकाल की विस्तृत व सटीक गणना।

आज का विशेष संदेश: आज ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया के दिन मंगलकारी मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। मंगलवार को मृगशिरा नक्षत्र का होना साहस और तकनीकी कार्यों में सफलता की नींव रखता है। यदि आज आप कोई नया संकल्प लेते हैं या हनुमान जी की आराधना करते हैं, तो जीवन के बड़े से बड़े संकटों से मुक्ति मिलती है।

1. आज के मुख्य सूचकांक (सूर्य और चंद्र गणना)

ग्रहों और नक्षत्रों की गति के आधार पर आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय हमारे दैनिक रूटीन को प्रभावित करेगा। आज दिन की अवधि लंबी होने के कारण रचनात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

खगोलीय घटना समय (घंटे और मिनट में) विशेष विवरण
सूर्योदय (Sunrise) सुबह 05:28 बजे इस समय सूर्य देव को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ रहेगा।
सूर्यास्त (Sunset) शाम 07:07 बजे संध्या आरती और हनुमान चालीसा के पाठ का सर्वोत्तम समय।
चंद्रोदय (Moonrise) सुबह 07:42 बजे (19 मई) चंद्रमा आज पूरे दिन दृश्यमान स्थिति में रहेगा।
चंद्रास्त (Moonset) रात 10:18 बजे रात्रि कालीन ध्यान के लिए इसके बाद का समय उत्तम है।
दिन की कुल अवधि 13 घंटे 39 मिनट 08 सेकंड उत्तरी गोलार्ध में दिन बड़े होने का प्रभाव।

2. हिंदू कैलेंडर और वैदिक काल गणना

वैदिक कैलेंडर के अनुसार वर्तमान में विक्रम संवत 2083 चल रहा है। आज की तिथि और मास की स्थिति नीचे दी गई है:

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  • विक्रम संवत (Vikram Samvat): 2083 (कीलकर नाम संवत्सर)
  • शक संवत (Shaka Samvat): 1948 (पिंगल नाम संवत्सर)
  • अयन (Ayana): उत्तरायण (सूर्य का उत्तर की ओर गोचर)
  • ऋतु (Season): ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
  • मास (Month): ज्येष्ठ मास (अमांत और पूर्णिमांत दोनों के अनुसार)
  • पक्ष (Paksha): शुक्ल पक्ष (Bright Fortnight)

3. पंचांग के 5 मुख्य तत्व (Tithi, Vara, Nakshatra, Yoga, Karana)

आज के पंचांग के पांचों अंग बेहद संतुलित हैं, जो इस दिन की शुभता को बढ़ा रहे हैं:

तिथि (Tithi)

आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जो दोपहर 02:45 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा। तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी (पार्वती) हैं। इस तिथि में किए गए कार्यों से सुख-सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।

वार (Vara)

आज मंगलवार (Tuesday) है। मंगलवार के स्वामी मंगल ग्रह हैं और इसके अधिष्ठाता देव संकटमोचन हनुमान जी हैं। आज के दिन कर्ज से मुक्ति के लिए किए गए प्रयास और भूमि-भवन से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है।

नक्षत्र (Nakshatra)

आज आकाशमंडल में मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो दोपहर 03:12 बजे तक रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र की शुरुआत होगी। मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं और इसके देवता चंद्रमा हैं। यह एक कोमल और खोजी प्रवृत्ति का नक्षत्र माना जाता है, जो शिक्षा और यात्राओं के लिए उत्तम है।

योग (Yoga)

आज धृति योग रात 09:22 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शूल योग शुरू होगा। धृति योग को बेहद शुभ माना जाता है। इस योग में रखे गए नींव के पत्थर या शुरू किए गए कार्यों में स्थिरता आती है और व्यक्ति को दीर्घकालिक लाभ मिलता है।

करण (Karana)

दोपहर 02:45 बजे तक प्रथम करण तैतिल रहेगा, उसके बाद द्वितीय करण गर का प्रारंभ होगा जो देर रात तक चलेगा। तैतिल करण में घरेलू और सामाजिक कार्य करना फलदायी होता है।

4. आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat – 19 May 2026)

यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज साइन करना चाहते हैं, नया वाहन खरीदना चाहते हैं या किसी शुभ काम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए शुभ समय का उपयोग करना चाहिए:

मुहूर्त का नाम प्रारंभ समय समाप्ति समय महत्व और उपयोग
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat) दोपहर 11:51 बजे दोपहर 12:45 बजे दिन का सबसे शक्तिशाली मुहूर्त। इसमें सभी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
अमृत काल (Amrit Kaal) सुबह 08:14 बजे सुबह 09:55 बजे दवाइयों के सेवन, साधना और मानसिक शांति की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ।
विजय मुहूर्त (Vijaya Muhurat) दो दोपहर 02:34 बजे दोपहर 03:28 बजे वाद-विवाद, कोर्ट केस की तैयारी या किसी प्रतियोगिता में विजय के लिए उत्तम।
गोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat) शाम 07:06 बजे शाम 07:28 बजे घर में दीपक जलाने, संध्या पूजा और प्रार्थना के लिए अत्यंत पवित्र समय।
ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) सुबह 04:06 बजे सुबह 04:47 बजे वेदाध्ययन, योग, ध्यान और ईश्वर स्मरण के लिए सर्वोत्तम समय।

5. आज का अशुभ समय और राहुकाल (Avoid This Time)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, दिन में कुछ समय ऐसा भी होता है जब नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, अन्यथा विघ्न आ सकते हैं।

  • राहुकाल (Rahukaal): दोपहर 03:42 बजे से शाम 05:25 बजे तक। (ध्यान रहे, राहुकाल में कभी भी कोई नया व्यवसाय, धन का लेन-देन या यात्रा शुरू नहीं करनी चाहिए।)
  • यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 08:53 बजे से सुबह 10:35 बजे तक।
  • गुलिक काल (Gulik Kaal): दोपहर 12:18 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक।
  • वर्ज्यम (Varjyam): रात 11:15 बजे से देर रात 12:54 बजे तक।

6. आज का दिशाशूल और गोचर स्थिति

आज मंगलवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। इसका अर्थ है कि आज के दिन उत्तर दिशा की ओर लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा गुड़ खाकर या घी का सेवन करके निकलें, इससे दिशाशूल का दोष कम हो जाता है।

आज की चंद्र राशि (Moon Sign):

चंद्रमा आज पूरे दिन और रात वृषभ राशि में संचार करेंगे। वृषभ राशि में चंद्रमा के होने से जातक का मन शांत, रचनात्मक और पारिवारिक कार्यों की ओर आकर्षित रहेगा।

7. आज का विशेष महा-उपाय

चूंकि आज मंगलवार है और ज्येष्ठ मास का पावन शुक्ल पक्ष चल रहा है, इसलिए आज के दिन हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है। आज शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाकर निम्नलिखित उपाय अवश्य करें:

बजरंग बली की कृपा का अचूक उपाय: आज शाम को सूर्यास्त के बाद हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का एक दीपक जलाएं। उसमें दो साबुत लौंग डाल दें। इसके बाद वहीं बैठकर शांत मन से 3 बार हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। पाठ पूरा होने के बाद हनुमान जी को बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इस उपाय को करने से कुंडली का मंगल दोष शांत होता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और रुके हुए धन की प्राप्ति होती है।

कुल मिलाकर आज 19 मई 2026 का दिन आध्यात्मिक प्रगति और नियमित कार्यों के लिए बेहद अनुकूल है। राहुकाल (दोपहर 03:42 से शाम 05:25) को छोड़कर आप अभिजीत मुहूर्त में अपने सभी जरूरी और मांगलिक कार्य संपन्न कर सकते हैं। पंचांग की यह गणना पूरी तरह सनातन पद्धतियों पर आधारित है।