इंदौर जल संरक्षण के क्षेत्र में नई इबारत लिख रहा है: मुख्यमंत्री मोहन यादव
इंदौर: स्वच्छता की वैश्विक पहचान के बाद, इंदौर अब जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन में भी देश का नेतृत्व कर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर प्रवास के दौरान शहर की जल संरचनाओं के कायाकल्प और जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर के तालाबों और उनसे जुड़े जल मार्गों (चैनलों) पर हुए अतिक्रमण को हर हाल में हटाया जाएगा और इसके लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
लिंबोदी तालाब का जीर्णोद्धार और श्रमदान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर स्थित करीब 100 वर्ष पुराने लिंबोदी तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने श्रमदान कर आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं को जल संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने लिंबोदी में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और इसके बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है। हमें प्राकृतिक जल स्रोतों को सहेजने के साथ-साथ उनके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना होगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान: उपलब्धियों का लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत गुड़ी-पड़वा के शुभ अवसर पर की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जल संरचनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन है। इस अभियान के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 2 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।
इंदौर का विशेष योगदान
इंदौर की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता की तरह ही जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य किया है। इंदौर में अब तक:
- 10 से अधिक बड़े तालाबों का संरक्षण।
- 250 से अधिक कुओं और बावड़ियों का जीर्णोद्धार।
- प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई और गहरीकरण।
अमृत 2.0 और भविष्य की रूपरेखा
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में शहर की विरासत स्वरूप जल संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत तालाबों के सौंदर्यीकरण में आधुनिकता और पर्यावरण संरक्षण का समन्वय किया गया है। विकास कार्यों में प्रमुख रूप से निम्न शामिल हैं:
- स्टोन बोल्डर पिचिंग और टो-वॉल का निर्माण।
- सुरक्षा के लिए बंधान पर रैलिंग।
- पर्यावरण के अनुकूल इको-फ्रेंडली पाथ-वे।
- आम नागरिकों के बैठने हेतु स्टोन बेंच की व्यवस्था।
कार्यक्रम की गरिमा
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मधु वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित बड़ी संख्या में नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने संकल्प लिया कि इंदौर के जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त और प्रदूषण मुक्त बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित किया जाएगा।
यह समाचार रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव के इंदौर दौरे और जल संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर आधारित है।













