अंबिकापुर में विकास और जनकल्याण शिविर: 99 आवेदन प्राप्त, 12 वर्ष पूरे होने पर बड़ा आयोजन






अंबिकापुर में विकास और जनकल्याण शिविर: 99 आवेदन प्राप्त, 12 वर्ष पूरे होने पर बड़ा आयोजन

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0


अंबिकापुर में “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के तहत वृहद शिविर: सरकार की योजनाओं से जुड़े सैकड़ों नागरिक, मौके पर हुआ शिकायतों का निपटारा

स्थान: अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)
श्रेणी: मुख्य समाचार, क्षेत्रीय विकास
अपडेटेड: जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण करने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में देशभर में विशेष जनसंपर्क और चेतना अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला अंतर्गत जनपद पंचायत सभाकक्ष, अंबिकापुर में एक वृहद पंजीकरण एवं सुशासन शिविर का भव्य आयोजन किया गया। “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” ध्येय वाक्य पर आधारित इस देशव्यापी अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में अंबिकापुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में आम नागरिकों, किसानों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जनहितैषी और कल्याणकारी नीतियों की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचाना तथा अपंजीकृत पात्र परिवारों को ऑन द स्पॉट लाभान्वित करना रहा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया स्टॉलों का निरीक्षण

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। गरिमामयी कार्यक्रम में उनके साथ स्थानीय विधायक प्रबोध मिंज सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। शिविर स्थल पर पहुंचते ही मुख्य अतिथि राजेश अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास और जनसेवा स्टॉलों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली और कड़े निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने सीधे हितग्राहियों से संवाद स्थापित कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें राशन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुचारू रूप से मिल रहा है या नहीं।

मुख्य बिंदु: अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का सीधा लाभ पहुंचाना और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना ही इस वृहद पंजीकरण शिविर का मूल ध्येय है।

प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

अंबिकापुर के इस विशेष शिविर में केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के लिए विशेष हेल्प डेस्क और काउंटर बनाए गए थे। अधिकारियों और तकनीकी सहायकों की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को विभिन्न तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी। शिविर के दौरान जिन प्रमुख योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, वे इस प्रकार हैं:

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
  • प्रधानमंत्री आवास योजना: पक्के मकान की पात्रता रखने वाले परिवारों की सूची का सत्यापन और नवीन आवेदन।
  • आयुष्मान भारत योजना: 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के लिए ई-केवाईसी और आयुष्मान कार्ड निर्माण।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: कृषकों के खातों में आने वाली किस्तों, भूमि रिकॉर्ड सुधार और ई-केवाईसी संबंधी समस्याओं का समाधान।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और गैस चूल्हा वितरण प्रक्रिया।
  • प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों को कौशल विकास प्रशिक्षण और टूलकिट प्रोत्साहन राशि की जानकारी।
  • स्वच्छ भारत मिशन: व्यक्तिगत शौचालय निर्माण और सामुदायिक स्वच्छता के प्रति जनचेतना का प्रसार।

12 वर्षों में देश ने गढ़े विकास के नए कीर्तिमान: राजेश अग्रवाल

उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के दृढ़ और कुशल नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनसेवा के क्षेत्र में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2014 से लेकर 2026 तक की यह विकास यात्रा पूरी तरह से अंत्योदय और गरीब कल्याण को समर्पित रही है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर डबल इंजन की गति से काम कर रही है। राज्य के सुदूर वनांचलों और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्गों के जीवन में अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक और बड़ा परिवर्तन दिखाई देने लगा है।

राजेश अग्रवाल ने बल देकर कहा कि “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान केवल सरकारी दावों या उपलब्धियों को बताने का कोई औपचारिक माध्यम नहीं है, बल्कि यह शासन और सीधे जनता के बीच के संवाद और भरोसे को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का एक अनुपम अवसर है। उन्होंने शिविर में आए सभी प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं तो इन जनहितैषी योजनाओं का लाभ लें ही, साथ ही अपने गांव और मोहल्ले के अन्य पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें ताकि सुशासन का प्रकाश हर घर तक पहुंच सके।

सरकार की योजनाएं समाज के प्रत्येक वर्ग को बना रही हैं सशक्त: विधायक प्रबोध मिंज

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और स्थानीय विधायक प्रबोध मिंज ने भी नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार की नीतियां किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक तबके को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निर्मित की गई हैं। उन्होंने इस बात की सराहना की कि जिला प्रशासन और जनपद पंचायत ने एक ही छत के नीचे इतने सारे विभागों को लाकर सराहनीय कार्य किया है। ऐसे पारदर्शी और सुलभ पंजीकरण शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक सीधे और प्रामाणिक जानकारियां पहुंचती हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है और जनता को अपना हक प्राप्त करने में अत्यधिक आसानी होती है।

आवेदन और त्वरित निराकरण के आंकड़े

शिविर की सफलता और प्रशासनिक तत्परता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्राप्त अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही अधिकारियों द्वारा फाइलों का निपटारा करके कर दिया गया। शिविर के दौरान कुल 99 आधिकारिक आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे, जिनका विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है:

क्र.सं. आवेदनों का वर्गीकरण प्राप्त आवेदनों की संख्या तत्काल निराकृत आवेदन विभागीय कार्रवाई हेतु अग्रेषित
1 मांग संबंधी आवेदन (विभिन्न योजनाएं) 98 44 54
2 शिकायत संबंधी आवेदन 01 01 00
कुल योग 99 45 54

जिन 54 आवेदनों का निराकरण तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से मौके पर संभव नहीं हो सका, उन्हें मुख्य अतिथि के निर्देशानुसार समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के लिए संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक विभागों को तत्काल अग्रेषित कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इन लंबित आवेदनों पर त्वरित प्रतिक्रिया दें।

जनभागीदारी और जनविश्वास का अनूठा उदाहरण बना शिविर

शिविर में आए स्थानीय ग्रामीणों और शहरी उपभोक्ताओं ने इस प्रशासनिक पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। नागरिकों का कहना था कि पहले उन्हें एक योजना की जानकारी या सुधार के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनका समय और धन दोनों नष्ट होता था। अब एक ही स्थान पर विभिन्न प्रमुख विभागों की उपस्थिति और तत्काल पंजीकरण की सुविधा मिलने से उन्हें बहुत बड़ी राहत मिली है। इस पूरे आयोजन ने सिद्ध किया कि जब शासन संवेदनशील हो, तो योजनाएं कागजों से निकलकर सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंचती हैं।

इस गरिमामयी प्रशासनिक एवं जनसंपर्क कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसौदिया, जनपद सदस्य विजय कुमार व्यापारी, अचिता कुजूर, मोहरमनिया सेमरिया, सरिता मानिकपुरी, एलेक्सजेंडर केरकेट्टा, तेरसा केरकेट्टा सहित नागरिक प्रतिनिधि भारत सिंह सिसौदिया, विनोद हर्ष, अरूणा सिंह और जन्मजेय सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही सरगुजा संभाग के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए बड़ी संख्या में सरपंच, सचिव, पंच, स्थानीय ग्रामीण जन तथा विभिन्न विभागों के मैदानी और जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।