सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा: छत्तीसगढ़ से 1000 विशिष्टजन रवाना, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिखाएंगे हरी झंडी






सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा: छत्तीसगढ़ से 1000 विशिष्टजनों की ऐतिहासिक यात्रा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे रवाना

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0


संस्कृति एवं आध्यात्मिक गौरव

छत्तीसगढ़ से ‘सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’ का ऐतिहासिक शंखनाद: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना, 1000 विशिष्टजन होंगे शामिल

विशेष रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क |
दिनांक: 22 जून, 2026

रायपुर: भारतीय संस्कृति, सनातन आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान के अद्वितीय प्रतीक प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ धाम से जुड़ने के लिए छत्तीसगढ़ एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सांस्कृतिक यात्रा का साक्षी बनने जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत प्रदेश में संस्कृति विभाग द्वारा 22 से 26 जून 2026 तक विशेष “सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य यात्रा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के 1000 विशिष्ट नागरिक एक विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात स्थित पावन सोमनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगे।

यात्रा का भव्य शुभारंभ आज 22 जून को प्रातः 9 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और विशेष तीर्थयात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना करेंगे। इस गरिमामय समारोह की अध्यक्षता पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। कार्यक्रम में रायपुर के विभिन्न जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक, महापौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक और संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहकर यात्रियों का उत्साहवर्धन करेंगे।

सांस्कृतिक चेतना और हजार वर्षों के गौरव का प्रतीक है यह पर्व

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की अदम्य सांस्कृतिक चेतना, अटूट जीवंतता और गौरवशाली विरासत का जीवंत प्रतीक है। इतिहास गवाह है कि सोमनाथ मंदिर ने हजार वर्षों के कालखंड में विदेशी आक्रांताओं के बर्बर आक्रमणों और अनगिनत चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन हर विध्वंस के बाद भारत की आस्था और स्वाभिमान ने इस भव्य मंदिर को और अधिक दिव्यता के साथ पुनर्जीवित किया।

यह राष्ट्रव्यापी अभियान इसी ऐतिहासिक सत्य और आत्म-सम्मान की भावना को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूरे देश में व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार और प्रदेश का संस्कृति विभाग इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों, समृद्ध आध्यात्मिक धरोहर और राष्ट्रीय गौरव की भावना से गहराई से जोड़ना है, ताकि वे अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व कर सकें।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा 2026: मुख्य आकर्षण एवं विवरण

  • यात्रा की अवधि: 22 जून से 26 जून 2026 तक (05 दिवसीय राष्ट्रव्यापी आयोजन)
  • कुल प्रतिभागी: छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से चयनित 1000 विशिष्ट नागरिक।
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (रायपुर रेलवे स्टेशन से करेंगे शुभारंभ)।
  • कार्यक्रम अध्यक्षता: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल।
  • आध्यात्मिक समरसता: प्रतिभागी अपने साथ छत्तीसगढ़ की पवित्र नदियों का जल और पावन माटी लेकर सोमनाथ अर्पित करेंगे।
  • प्रमुख गतिविधियां: विशेष ज्योतिर्लिंग दर्शन, महाआरती, रुद्राभिषेक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण।

पद्म पुरस्कार विजेताओं से लेकर संस्कृति कर्मियों का अनूठा समागम

इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विविधता और इसमें शामिल होने वाले प्रतिभागियों का विशिष्ट स्तर है। संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से समाज के विभिन्न वर्गों के उत्कृष्ट प्रतीकों का चयन किया गया है। यात्रा दल में प्रदेश के पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियां, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी, वरिष्ठ समाजसेवी, प्रबुद्ध बुद्धिजीवी और जनमानस का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधि शामिल हैं।

यह यात्रा राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, अनूठी परंपराओं और कलात्मक विविधता का प्रदर्शन करने का एक उत्कृष्ट माध्यम बनेगी। यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की झलकियां भी देखने को मिलेंगी, जो ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करेंगी।

पवित्र माटी और जीवनदायिनी नदियों का जल बनेगा अखंडता का सूत्र

छत्तीसगढ़ से सोमनाथ जा रहे यह 1000 विशिष्टजन अपने साथ केवल आस्था ही लेकर नहीं जा रहे हैं, बल्कि वे अपने-अपने गृह जिलों और अंचलों की पवित्र माटी तथा महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती, अरपा जैसी पावन व जीवनदायिनी नदियों का पवित्र जल भी अपने साथ लेकर सोमनाथ धाम पहुंचेंगे।

छत्तीसगढ़ की इस पावन माटी और जल को सोमनाथ धाम में विधिवत अर्पित किया जाएगा। यह प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक कार्य भारत की सांस्कृतिक एकता, भौगोलिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने का एक बड़ा संदेश देगा। यह इस बात का प्रमाण है कि भले ही हमारे राज्य और भाषाएं अलग हों, लेकिन हमारी आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का मूल स्रोत एक ही है।

धार्मिक अनुष्ठान, संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर

पांच दिनों तक चलने वाली इस सुव्यवस्थित यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का सुअवसर मिलेगा। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, सोमनाथ पहुंचने पर यात्रियों के लिए विशेष दर्शन, महाआरती और सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला यात्राएं तथा सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाले ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इस विहंगम आयोजन से न केवल छत्तीसगढ़ के नागरिकों को भारत की प्राचीन और भव्य विरासत को अत्यंत निकट से जानने-समझने का मौका मिलेगा, बल्कि वहां देश के अन्य राज्यों से आने वाले सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद, विचारों और कलात्मक परंपराओं के आदान-प्रदान का एक मजबूत मंच भी तैयार होगा।

संस्कृति विभाग ने पूरी की व्यापक और चाक-चौबंद तैयारियां

इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली इस यात्रा को पूरी तरह से सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी जिलों से चयनित किए गए प्रतिभागियों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है ताकि यात्रा के दौरान किसी को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

सभी यात्रियों के आवश्यक दस्तावेजों, पहचान पत्रों और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया को पूरी संजीदगी के साथ पूरा कर लिया गया है। विशेष आईआरसीटीसी ट्रेन के भीतर आवास, भोजन और प्राथमिक चिकित्सा की उच्च स्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस पूरी यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और नोडल प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों के साथ रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

निष्कर्ष: केवल धार्मिक यात्रा नहीं, यह राष्ट्रीय पुनर्जागरण का उत्सव है

संक्षेप में कहा जाए तो “सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा” महज एक पारंपरिक धार्मिक तीर्थयात्रा नहीं है। यह भारत की सामूहिक चेतना, स्वाभिमान, गौरवशाली इतिहास और अटूट राष्ट्रीय एकता का एक जीवंत एवं भव्य उत्सव है। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि से निकलने वाली यह ऐतिहासिक यात्रा राज्य की समृद्ध लोक परंपराओं, साहित्य, कला और आध्यात्मिक गौरव को न केवल राष्ट्रीय फलक पर एक नई और मजबूत पहचान प्रदान करेगी, बल्कि समूचे समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय गौरव और सनातन भारतीय मूल्यों के प्रति एक नई चेतना और प्रेरणा का संचार करेगी।