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एमपी ट्रांसको का बड़ा कदम: वेंडर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए लॉन्च हुआ अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल, अब रियल-टाइम में ट्रैक होंगे बिल






एमपी ट्रांसको का बड़ा कदम: वेंडर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए लॉन्च हुआ अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल, अब रियल-टाइम में ट्रैक होंगे बिल


डिजिटल इंडिया: एमपी ट्रांसको ने लॉन्च किया अत्याधुनिक वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल, अब ऑनलाइन और रियल-टाइम में ट्रैक होंगे सभी बिल

प्रदेश खबर नेटवर्क |
अपडेटेड: जून 2026

भोपाल/जबलपुर: डिजिटल इंडिया अभियान में मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग की भागीदारी को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाते हुए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की है। तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए कंपनी ने अपने वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स की सुविधा और कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक “वेंडर-फ्रेंडली पोर्टल” का विस्तार और अपग्रेडेशन किया है।

इस अभूतपूर्व पहल के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इस नए पोर्टल के माध्यम से अब तमाम सहयोगी वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की संपूर्ण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और रियल-टाइम में ट्रैक करने में सक्षम होंगे। इससे न केवल कार्यप्रणाली में तेजी आएगी, बल्कि विभागों और बाहरी साझेदारों के बीच का भरोसा भी और अधिक मजबूत होगा।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के अनुसार: “इस डिजिटल व्यवस्था के पूर्ण रूप से लागू होने पर वेंडर्स, कांट्रेक्टर्स के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों के समय की भी भारी बचत होगी। हमारी पूरी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और देयक (बिल) निपटान की जो प्रक्रिया पहले जटिल लगती थी, वह अब और अधिक सरल, त्वरित तथा बेहद प्रभावी बन सकेगी।”

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वर्ष 2022 से चल रही डिजिटल व्यवस्था का हुआ व्यापक विस्तार

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में कार्य कर रहे वेंडर्स एवं कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए वर्ष 2022 से ही एक इंटरनेट आधारित वेंडर्स पोर्टल का संचालन किया जा रहा है। इस मौजूदा व्यवस्था के तहत कॉन्ट्रैक्ट्स एवं वेंडर्स अपने देयक, आवश्यक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन प्रस्तुत करते आ रहे हैं।

अब तक की व्यवस्था के तहत उनके बिलों की जांच, स्वीकृति, भुगतान और अन्य समस्त प्रक्रियाएं पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से ही संपादित की जा रही थीं। पोर्टल के जरिए बिलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी कॉन्ट्रैक्टर्स को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से स्वतः प्राप्त होती रहती है। इसके साथ ही वे किसी भी समय सिस्टम में लॉग-इन कर अपने देयकों एवं भुगतान की अद्यतन यानी लेटेस्ट स्थिति देख सकते हैं। लेकिन अब कंपनी ने इसका दायरा और अधिक बढ़ा दिया है।

सभी प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए खुली सुविधा: विकास श्रीवास्तव

एमपी ट्रांसको के संयुक्त निदेशक विकास श्रीवास्तव ने इस तकनीकी विस्तार की तकनीकी बारीकियों की जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी ने इस डिजिटल सुविधा का दायरा अब काफी बड़ा कर दिया है। पहले जहां यह व्यवस्था कुछ सीमित अनुबंधों के लिए थी, वहीं अब इसका विस्तार करते हुए ‘टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट्स’ के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के छोटे-बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स के लिए भी इस इंटरनेट आधारित वेब पोर्टल की शुरुआत कर दी गई है।

पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं और उपयोगिता:

  • मल्टी-डिवाइस एक्सेस: वेंडर्स अब अपने मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर या लैपटॉप में से किसी भी साधन का उपयोग कर कहीं से भी पोर्टल पर लॉग-इन कर सकते हैं।
  • कहीं से भी देयक प्रस्तुति: कांट्रेक्टर्स को अब बिल जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी, वे सीधे संबंधित कार्यालय में ऑनलाइन देयक प्रस्तुत कर सकेंगे।
  • रियल-टाइम ट्रैकिंग: इस नए अपग्रेडेशन की सबसे बड़ी विशेषता यह रहेगी कि वेंडर्स और कांट्रेक्टर्स अपने बिलों की प्रोसेसिंग की प्रत्येक स्टेज (अवस्था) की जानकारी रियल-टाइम में लाइव देख सकेंगे कि उनका बिल इस वक्त किस टेबल पर या किस प्रक्रिया के अधीन है।

पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग का यह कदम राज्य सरकार के सुशासन और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की नीति के सर्वथा अनुकूल है। मैन्युअल बिलिंग और फाइलों के भौतिक मूवमेंट में होने वाली देरी को समाप्त कर अब एमपी ट्रांसको ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी कांट्रेक्टर का भुगतान बिना किसी अकारण देरी के सीधे और पारदर्शी तरीके से पूरा हो सके। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रणाली से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे त्रुटियों और शिकायतों की गुंजाइश भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।


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