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अलीराजपुर गबन मामला: ED की बड़ी कार्रवाई, धार में ‘श्री बालाजी धाम’ के 56 प्लॉट कुर्क





अलीराजपुर गबन मामला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, ‘श्री बालाजी धाम’ के 56 आवासीय भू-खंड कुर्क

अलीराजपुर बीईओ गबन मामला: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई, धार जिले में ‘श्री बालाजी धाम’ परियोजना के 56 आवासीय भू-खंड कुर्क

तिथि: 25 जून, 2026 | स्थान: इंदौर/धार/अलीराजपुर


मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में हुए बहुचर्चित खंड शिक्षा कार्यालय (BEO) गबन प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। जैसा कि आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति “HLqIvAMbAAE1Kyr (1).jpg” में दर्शाया गया है, ईडी के इंदौर उप आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत धार जिले में स्थित 56 आवासीय भू-खंडों (Residential Plots) को अनंतिम रूप से (Provisionally) कुर्क कर लिया है।

यह पूरी कार्रवाई कट्ठीवाड़ा स्थित खंड शिक्षा कार्यालय से जुड़े 20.47 करोड़ रुपये के सरकारी धन के धोखाधड़ीपूर्ण बिल पारित करने और गबन करने के मामले में चल रही जांच के तहत की गई है। कुर्क किए गए इन 56 आवासीय भू-खंडों का वर्तमान बाजार मूल्य 6 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।

मामले का पूरा घटनाक्रम और पृष्ठभूमि (Background of the Case)

यह मामला साल 2018 से 2023 के बीच का है, जब कट्ठीवाड़ा के खंड शिक्षा कार्यालय (BEO) से फर्जी और धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से बिल पारित करवाकर सरकारी खजाने (ट्रेजरी) से कुल 20.47 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि निकाली गई थी।

1. एफआईआर और जांच की शुरुआत

इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा पुलिस थाने में इस धोखाधड़ी को लेकर एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। इस एफआईआर के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन (Money Laundering) का मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी।

2. मुख्य आरोपी और कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

ईडी की गहन जांच में मुख्य आरोपी कमल राठौर और उसके सहयोगियों की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हुई है। जांच के दौरान सामने आए मुख्य तथ्य निम्नलिखित हैं:

  • मिलीभगत और गबन: कमल राठौर ने अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ मिलकर अलीराजपुर कोषागार (Treasury) से मिलीभगत की और सरकारी धन का अवैध रूप से गबन किया।
  • फंड का डायवर्जन: गबन की गई इस भारी-भरकम राशि को सीधे हड़पने के बजाय, इसे वैध दिखाने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत ट्रांसफर किया गया। इस राशि को कमल राठौर और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित और संचालित विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित (Transfer) किया गया।
  • नकद निकासी और संपत्ति की खरीद: बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के बाद, बड़े पैमाने पर नकद निकासी (Cash Withdrawal) की गई। इस नकद राशि का उपयोग धार जिले के गंधवानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कृषि भूमि (Agricultural Land) खरीदने के लिए किया गया।

अपराध की कमाई से ‘श्री बालाजी धाम’ का निर्माण

विज्ञप्ति “HLqIvAMbAAE1Kyr (1).jpg” के अनुसार, आरोपियों ने केवल कृषि भूमि खरीदकर ही दम नहीं लिया, बल्कि उस काली कमाई (Proceeds of Crime) को पूरी तरह से सफेद यानी वैध संपत्ति के रूप में प्रदर्शित करने के लिए एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की।

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“अपराध से अर्जित आय से खरीदी गई कृषि भूमि को बाद में ‘श्री बालाजी धाम’ नामक परियोजना के अंतर्गत आवासीय भू-खंडों (Residential Plots) के रूप में विकसित किया गया।”

अवैध को वैध बनाने का प्रयास: ईडी की जांच में यह स्पष्ट रूप से साफ हुआ है कि इस पूरी विकास परियोजना का एकमात्र उद्देश्य अवैध रूप से अर्जित परिसंपत्तियों के वास्तविक स्रोत को छिपाना था। आरोपी इस दूषित संपत्ति को समाज और कानून के सामने पूरी तरह से वैध एवं निष्कलंक संपत्ति के रूप में प्रदर्शित करना चाहते थे। इसी ‘श्री बालाजी धाम’ परियोजना के तहत काटे गए 56 आवासीय भू-खंडों को अब ईडी ने फ्रीज और कुर्क कर दिया है, जिनकी बाजार कीमत 6 करोड़ रुपये से अधिक है।

ईडी द्वारा अब तक की गई कार्रवाईयों का ब्योरा (Chronology of Actions)

कट्ठीवाड़ा गबन प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय शुरुआत से ही सख्त रुख अपनाए हुए है। इस मामले में अब तक कई चरणों में बड़ी कार्रवाईयां की जा चुकी हैं:

क्र.सं. कार्रवाई की तिथि / विवरण ईडी द्वारा की गई मुख्य कार्रवाई
1 शुरुआती चरण (तलाशी) PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए और आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज किया गया।
2 आरोपी की गिरफ्तारी धन शोधन (Money Laundering) के अपराध में सीधी संलिप्तता पाए जाने के बाद मुख्य आरोपी कमल राठौर को गिरफ्तार किया गया।
3 प्रथम कुर्की (Attachment) आरोपी व्यक्तियों की 4.43 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल परिसंपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया था।
4 10 मार्च, 2026 पूर्व में की गई 4.43 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्की की आधिकारिक रूप से पुष्टि (Confirmation) कर दी गई।
5 29 सितंबर, 2025 कमल राठौर और अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय (PMLA), इंदौर के समक्ष आधिकारिक रूप से अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint / चार्जशीट) दायर की गई थी।
6 25 जून, 2026 (वर्तमान कार्रवाई) ‘श्री बालाजी धाम’ परियोजना के तहत धार जिले में स्थित 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 56 आवासीय भू-खंडों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई से मध्य प्रदेश के सरकारी महकमों में फर्जी बिलों के सहारे भ्रष्टाचार करने वाले रैकेट के बीच हड़कंप मच गया है। सरकारी खजाने को चूना लगाकर बनाई गई ‘श्री बालाजी धाम’ जैसी आलीशान कॉलोनियां अब पूरी तरह से कानून के शिकंजे में हैं।

प्रेस विज्ञप्ति के अंत में यह स्पष्ट किया गया है कि इस पूरे मामले में आगे की जांच प्रक्रिया अभी भी गतिशील (In Progress) है। आने वाले समय में कुछ अन्य सहयोगियों और बेनामी संपत्तियों पर भी गाज गिर सकती है।


स्रोत: प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 25.06.2026


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