विविधता में एकता का आधार विभिन्न राज्यों के लोग: राज्यपाल मंगुभाई पटेल






विविधता में एकता का आधार विभिन्न राज्यों के लोग: राज्यपाल मंगुभाई पटेल | पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह भोपाल



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विविधता में एकता का आधार विभिन्न राज्यों के लोग: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

‘दूध में शक्कर की तरह मध्य प्रदेश में रच-बस गया है बंगाली समुदाय’, भोपाल के लोकभवन में पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर भव्य सांस्कृतिक उत्सव


मुख्य संवाददाता, प्रदेश खबर नेटवर्क |
अपडेटेड: 26 जून, 2026

भोपाल: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की विविधता में एकता का असली आधार देश के विभिन्न राज्यों के लोग हैं। उन्होंने एक बेहद खूबसूरत उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर पूरी तरह घुल जाती है, ठीक उसी तरह मध्य प्रदेश की पावन धरा पर पश्चिम बंगाल के मूल निवासी यहाँ की संस्कृति और समाज में घुल-मिल गए हैं। अनेकता में एकता की यही आत्मीयता और समानता हमारे राज्य स्थापना दिवसों के आयोजनों को जीवंत और साकार बनाती है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल आज राजभवन परिसर स्थित लोकभवन में आयोजित ‘पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस’ समारोह में भोपाल में निवास कर रहे बंगाली मूल के नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे राज्य स्तरीय सांस्कृतिक मंचों पर हमारी वेशभूषा, हमारे पारंपरिक गीत और नृत्यों में समाई सांस्कृतिक विविधता की अनूठी झलक देखने को मिलती है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज पश्चिम बंगाल की प्रस्तुतियों में उन्हें गुजरात के प्रसिद्ध गरबा नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा में असम राज्य की झलक भी दिखाई दी, जो भारतीय संस्कृति के अंतर्संबंधों को दर्शाती है।

प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों और कालीबाड़ियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस गरिमामय और भव्य आयोजन के अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. नवनीत मोहन कोठारी भी विशेष रूप से मंच पर और अतिथि दीर्घा में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में भोपाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए कालीबाड़ियों के वरिष्ठ सदस्य, बंगाली समाज के प्रबुद्ध नागरिक, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ विजन की सराहना

अपने संबोधन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को सुदृढ़ करने, राष्ट्रीय एकात्मकता को नई शक्ति प्रदान करने और विभिन्न राज्यों के मध्य परस्पर सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने का प्रयास वाकई अद्भुत और ऐतिहासिक है।

उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा स्थल (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) पर 1 नवंबर से 15 नवंबर तक ‘भारत पर्व’ का एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन कराया था। उस पर्व में देश के सभी राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, सांस्कृतिक दलों और स्कूली बच्चों की सक्रिय सहभागिता देखी गई थी। उसी आयोजन के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को एक मजबूत वैश्विक मंच प्रदान किया गया था, जिसमें करीब 300 बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।

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विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और बंगाल का योगदान

राज्यपाल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत की गौरवशाली विरासत को समृद्ध और शक्तिशाली बनाने में बंगाल राज्य का योगदान हमेशा से अतुलनीय रहा है। चाहे वह साहित्य हो, विज्ञान हो, कला हो या देश का स्वतंत्रता संग्राम हो, बंगाल ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) पर देश के युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए उनके साथ सीधा संवाद करते हैं, जो युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है।

लोकभवन के इस विशेष आयोजन की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मंच पर 7 साल के छोटे बच्चों से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग कलाकारों की सक्रिय सहभागिता देखकर उनका मन अत्यंत हर्षित है। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं की भारी बहुलता और उनकी शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इसे बदलते भारत की एक सशक्त झलक और सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।

सांस्कृतिक छटा: ‘हमारा बंगाल रे’ थीम पर जीवंत हुआ पश्चिम बंगाल

इससे पहले, कार्यक्रम की शुरुआत में सपना गुहा ने अपना स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में बंगाल की बेहद समृद्ध परंपराओं, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ वहां के ग्रामीण जनजीवन की सरलता, सादगी और अनुपम सांस्कृतिक छटा की एक विस्तृत रूपरेखा सभी के सामने प्रस्तुत की।

वहीं, इस पूरे भव्य सांस्कृतिक उत्सव की सूत्रधार और संचालक महुआ चटर्जी रहीं। उन्होंने **“हमारा बंगाल रे”** की मुख्य थीम पर आधारित बंगाल के पारंपरिक लोकगीतों, नृत्यों और वहां के आम जनजीवन को बड़े ही अनूठे ढंग से मंच पर उतारा। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने बंगाल के विश्वप्रसिद्ध बाउल संगीत, झूमर, धमाइल और भटयाली लोक संगीत की एक से बढ़कर एक शानदार और भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने पूरे लोकभवन सभागार में उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कुछ समय के लिए भोपाल के भीतर ही पश्चिम बंगाल के जीवंत जनजीवन का अहसास करा दिया।

वीडियो संदेश और लघु फिल्मों का प्रदर्शन

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की इस श्रृंखला के प्रारंभ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि का विशेष स्थापना दिवस संदेश वीडियो के माध्यम से प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश में रह रहे बंगाली समुदाय को शुभकामनाएं दीं। इसके तुरंत बाद पश्चिम बंगाल के अद्वितीय सांस्कृतिक वैभव, ऐतिहासिक महत्व और आधुनिक औद्योगिक व ढांचागत विकास पर आधारित एक अत्यंत ज्ञानवर्धक लघु फिल्म (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के समापन सत्र में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास, यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वैभव से परिचित कराने वाली एक और बेहतरीन लघु फिल्म का प्रसारण किया गया, जिसने दोनों राज्यों के मजबूत संबंधों को रेखांकित किया।

अतिथियों का सम्मान और आभार प्रदर्शन

समारोह के दौरान भोपाल के बंगाली समाज के सचिव सलिल चटर्जी और निलॉय घोष ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य अभिनंदन और स्वागत किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के अंत में सभी आगंतुकों, कलाकारों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार प्रदर्शन डा. एन. बनर्जी द्वारा व्यक्त किया गया। इस पूरे गरिमामय मंच का कुशल और सफल संचालन सहायक सत्कार अधिकारी सृष्टि श्रीवास्तव ने किया।