स्वस्थ मध्यप्रदेश का संकल्प: CM मोहन यादव ने किया ‘सुमन पंचायत’ और ‘AMR एक्शन प्लान 2.0’ का शुभारंभ


स्वस्थ मध्यप्रदेश की ओर बड़ा कदम: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ‘सुमन पंचायत’ और AMR एक्शन प्लान 2.0 का शुभारंभ, 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियो सुरक्षा कवच

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राज्य स्तरीय महा-अभियान

“स्वस्थ मध्यप्रदेश” का नया संकल्प: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ‘सुमन पंचायत’ और ‘AMR एक्शन प्लान 2.0’ का शुभारंभ; 1.07 करोड़ बच्चों को सुरक्षा कवच

भोपाल। मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार और लोक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज एक बड़े अध्याय की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल स्थित आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम में जनस्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और दूरगामी पहलों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के साथ-साथ पूर्णतः जनभागीदारी पर आधारित अभिनव स्वास्थ्य योजना “सुमन पंचायत” का आगाज़ किया। इसके साथ ही, राज्य को एंटीबायोटिक दवाओं के बेअसर होने के बढ़ते खतरे से बचाने के लिए ‘स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0’ का भी अनावरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

“स्वस्थ मध्यप्रदेश, समृद्ध मध्यप्रदेश” के संकल्प को साकार करने की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार नागरिकों को सर्वोत्तम, गुणवत्तापूर्ण और हर वर्ग के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। राज्य सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक समृद्धि वहां के नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य पर टिकी होती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह रेखांकित किया गया कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य केवल बीमारियों का उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि जन जागरूकता, सक्रिय सामुदायिक भागीदारी और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) को बुनियादी स्तर पर इतना मजबूत बनाना है कि बीमारियों के प्रसार को पहले ही रोका जा सके। इसी पावन उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इन बहुआयामी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को धरातल पर उतारा जा रहा है।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान: 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी सुरक्षा की अतिरिक्त खुराक

प्रदेश के नौनिहालों के सुरक्षित भविष्य के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का बिगुल फूंक दिया गया है। 28 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय सघन अभियान के तहत शून्य से 5 वर्ष तक की आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अभियान के मुख्य घटक कुल निर्धारित संख्या / अमला
लक्षित बच्चे (0 से 5 वर्ष) लगभग 1.07 करोड़
स्थापित पोलियो बूथ लगभग 83 हजार
तैनात वैक्सीनेटर्स 1.66 लाख
तैनात सुपरवाइजर 26 हजार
ट्रांजिट बूथ (स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट आदि) 3 हजार 800
विशेष मोबाइल टीमें (उच्च जोखिम क्षेत्र) 1 हजार 400

रणनीति के अनुसार, पहले दिन यानी 28 जून को बूथों पर दवा पिलाई जा रही है। इसके पश्चात, 29 और 30 जून को स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दस्तक देंगे और विभिन्न कारणों से छूट गए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोलियो की जीवन रक्षक दवा पिलाना सुनिश्चित करेंगे। घुमंतू आबादी, निर्माण स्थलों पर रह रहे श्रमिकों के बच्चों और ईंट-भट्टों जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों तक पहुँचने के लिए विशेष सचल टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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‘सुमन पंचायत’ योजना: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा में मिलेगी क्रांतिकारी सफलता

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य मानकों को सर्वोत्कृष्ट बनाने के उद्देश्य से लाई गई “सुमन पंचायत” (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना को इस कार्यक्रम की सबसे क्रांतिकारी पहलों में से एक माना जा रहा है। इसका सीधा उद्देश्य सूबे में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाना है, जिसमें स्थानीय समाज और ग्राम पंचायतों को सीधे तौर पर जवाबदेह और सहभागी बनाया गया है।

योजना के तहत बड़ा प्रोत्साहन: ऐसी ग्राम पंचायतें जो अपनी सीमा के भीतर लगातार एक वर्ष की अवधि तक शून्य मातृ मृत्यु, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की शून्य मृत्यु दर बनाए रखेंगी और जहां खसरा (Measles) व रूबेला का एक भी मामला सामने नहीं आएगा, उन्हें राज्य सरकार की तरफ से 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और विशेष प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

यह अभिनव वित्तीय और सामाजिक प्रोत्साहन सीधे तौर पर शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में सुरक्षित डिलीवरी), बच्चों के नियमित एवं पूर्ण टीकाकरण, बेहतर पोषण चक्र तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (High-Risk Pregnancy) की समय पर पहचान करने में गेम-चेंजर साबित होगा।

एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण: स्टेट एक्शन प्लान 2.0 का भव्य अनावरण

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ‘एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस’ (AMR) यानी रोगाणुरोधी प्रतिरोध से निपटने के लिए मध्यप्रदेश ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज ‘स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0’ जारी किया। बिना डॉक्टरी सलाह के अथवा अत्यधिक मात्रा में एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बैक्टीरिया और वायरस के भीतर पैदा होने वाली प्रतिरोधक क्षमता आज वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर संकट बन चुकी है। दवाएं बेअसर होने के कारण साधारण बीमारियां भी जानलेवा रूप अख्तियार कर रही हैं।

भारत सरकार के राष्ट्रीय एक्शन प्लान की तर्ज पर तैयार किए गए इस राज्य स्तरीय द्वितीय संस्करण (वर्जन 2.0) में निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्तंभों को प्राथमिकता दी गई है:

  • जन जागरूकता अभियान: आम जनता और फार्मासिस्टों को एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग के प्रति सचेत करना।
  • संक्रमण नियंत्रण: अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के भीतर संक्रमण फैलने की प्रक्रियाओं पर सख्त रोक।
  • प्रयोगशाला क्षमता सुदृढ़ीकरण: आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बैक्टीरिया के बदलते प्रतिरोधी स्वरूप की त्वरित जांच।
  • विवेकपूर्ण प्रबंधन: डॉक्टरों और चिकित्सा अधिकारियों द्वारा एंटीबायोटिक दवाओं के नियंत्रित और तार्किक नुस्खे (प्रिस्क्रिप्शन) को बढ़ावा देना।
  • “वन हेल्थ” दृष्टिकोण: इंसानों के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी उद्योग और पर्यावरण के क्षेत्र में भी एंटीबायोटिक्स के बेलगाम इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए बहु-विभागीय तालमेल बिठाना।

ऐतिहासिक उपलब्धियां: 7.64 लाख किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण और 1.49 करोड़ से अधिक की लिवर स्क्रीनिंग

इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान तथा स्वस्थ यकृत मिशन में अभूतपूर्व एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों के कलेक्टर्स, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और जमीनी स्वास्थ्य दलों को मंच से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

एचपीवी टीकाकरण की बेमिसाल सफलता: गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से भविष्य की पीढ़ियों को बचाने के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत मध्यप्रदेश ने देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाई है। प्रदेश की लगभग 8.03 लाख पात्र किशोरियों को चिन्हित कर लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए 7.64 लाख से अधिक किशोरियों का सफल टीकाकरण किया जा चुका है। राज्य ने इस क्षेत्र में लगभग 96 प्रतिशत का शानदार लक्ष्य हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है।

स्वस्थ यकृत मिशन का विशाल दायरा: बदलती जीवनशैली के चलते यकृत रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए शुरू किए गए ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ के तहत जून 2025 से मार्च 2026 तक की संक्षिप्त अवधि में राज्य के भीतर 149.26 लाख (1 करोड़ 49 लाख से अधिक) लोगों की व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग संपन्न की जा चुकी है।

इस मिशन के अंतर्गत मुख्य रूप से नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) जैसी गंभीर और छुपी हुई बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान, समुचित प्रयोगशाला जांच तथा त्वरित इलाज की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। इसके समानांतर, संतुलित खान-पान, दैनिक जीवन में नियमित व्यायाम और नशामुक्त स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की दिशा में जन-जन के बीच चेतना का संचार किया जा रहा है।

निष्कर्ष: भोपाल के इस राज्य स्तरीय गरिमामयी मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा आज जिन लोक कल्याणकारी योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है, वे निश्चित तौर पर मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ साबित होंगी। पल्स पोलियो से लेकर कैंसर और लिवर जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम तथा ग्रामीण स्तर पर पंचायतों की सीधी भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि आगामी समय में मध्यप्रदेश जनस्वास्थ्य सूचकांक में नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।