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सुशासन तिहार और सीएम हेल्पलाइन की बड़ी समीक्षा: कलेक्टर अजीत वसंत ने दिए शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश






कलेक्टर अजीत वसंत ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक: सुशासन तिहार और सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के सख्त निर्देश


कलेक्टर अजीत वसंत ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक: सुशासन तिहार और सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के सख्त निर्देश

प्रदेश खबर नेटवर्क | अपडेटेड: बुधवार, 01 जुलाई 2026

अंबिकापुर: जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्यों को गति देने, राजस्व मामलों को शून्य करने और कार्यालयों में अनिवार्य रूप से आधार-बेस्ड उपस्थिति प्रणाली लागू करने का दिया आदेश।

कलेक्टर अजीत वसंत ने बुधवार को साप्ताहिक समय सीमा (टीएल) की उच्च स्तरीय बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन की प्राथमिकताओं और आम जनता से जुड़े संवेदनशील मामलों पर बिंदुवार चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में देरी और जन शिकायतों के निवारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में प्रशासनिक अमले की मजबूत उपस्थिति रही, जिसमें मुख्य रूप से जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) एवं अन्य सरकारी मदों के अंतर्गत स्वीकृत, पूर्ण और प्रगतिरत निर्माण कार्यों की विभागवार गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए।

सुशासन तिहार के आवेदनों का त्वरित और शत-प्रतिशत हो निराकरण

प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और जनता की समस्याओं को सीधे हल करने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार 2026 के दौरान प्राप्त आवेदनों की बैठक में विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर अजीत वसंत ने लंबित आवेदनों की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जितने भी आवेदन शेष हैं, उनका तत्काल शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

विशेष रूप से राजस्व विभाग से संबंधित आवेदनों के बड़े पैमाने पर लंबित होने पर चिंता जताते हुए उन्होंने राजस्व अमले को काम में तेजी लाने को कहा। कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त आवेदनों की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल फाइलों को बंद करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण होना चाहिए ताकि शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो।

समय-सीमा बैठक के मुख्य बिंदु:

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  • सुशासन तिहार 2026: शेष बचे सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने का अल्टीमेटम।
  • सीएम हेल्पलाइन 1076: प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर सुलझाने की अनिवार्यता।
  • डिजिटल अटेंडेंस: सभी शासकीय कार्यालयों और स्कूलों में बायोमेट्रिक आधार बेस्ड उपस्थिति अनिवार्य।
  • राजस्व प्रकरण: 6 महीने से अधिक समय से लंबित सभी मामलों को तेजी से निपटाकर शून्य करने का लक्ष्य।
  • सेवानिवृत्त कर्मचारी: सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ और जीपीओ प्राधिकार पत्र सौंपने के मानवीय निर्देश।

सीएम हेल्पलाइन 1076: जवाबदेही के साथ काम करें विभागीय अधिकारी

जनता की त्वरित सहायता के लिए संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 पोर्टल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों के प्रमुखों से प्राप्त शिकायतों और उनके निवारण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें प्राप्त होने वाले आवेदनों का समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करना अनिवार्य है। सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ शिकायतों को अटेंड करें ताकि रैंकिंग और जनसंतुष्टि दोनों में जिला अग्रणी रहे।

शासकीय कार्यालयों और स्कूलों में आधार बेस्ड उपस्थिति अनिवार्य

प्रशासनिक कसावट और कार्यालयों में समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर अजीत वसंत ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी विभागों में आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में अब तक की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी दैनिक उपस्थिति आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक सिस्टम से ही दर्ज कराना सुनिश्चित करें। इस नियम का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

इसी क्रम में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे जिले के सभी शासकीय शिक्षण संस्थानों में शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ की प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

राजस्व प्रकरणों की समीक्षा: 6 महीने से पुराने मामलों को करें शून्य

बैठक के एक बड़े हिस्से में राजस्व विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सीमांकन, नामांतरण, त्रुटि सुधार, नक्शा बटांकन, डिजिटल हस्ताक्षर, किसान किताब पत्र, जेंडर प्रविष्टि और कोटवारी भूमि जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र एवं न्यायसंगत निराकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जो भी राजस्व प्रकरण 6 महीने से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें मिशन मोड में काम करके शून्य के स्तर पर लाया जाए।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सभी नायब तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों में निराकरण की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट के साथ ही अगली बैठकों में उपस्थित होंगे। इसके साथ ही भू-अर्जन (Land Acquisition) से संबंधित मुआवजा और भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए, ताकि बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की राह आसान हो सके।

प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने के लिए अधिकारी करें ‘नवाचार’

कलेक्टर ने उपस्थित सभी राजस्व अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आम जनता का जिला प्रशासन और राजस्व न्यायालयों के प्रति विश्वास बढ़ाना हमारी मुख्य जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में कुछ सकारात्मक नवाचार (Innovations) करें, जिससे दफ्तरों में आने वाले किसानों और आम नागरिकों को सहूलियत मिले, काम में पारदर्शिता आए और उन्हें बेवजह चक्कर न काटना पड़े।

बैठक के अंतिम चरण में पूर्व में किए गए निरीक्षणों और टीएल बैठकों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की प्रगति देखी गई। इसके साथ ही डिजिटल गवर्नेंस के तहत संचालित नक्शा प्रोजेक्ट, एग्रिस्टेक पंजीयन, जाति प्रमाण पत्र जारी करने की गति, आयुष्मान कार्ड निर्माण और छात्र-छात्राओं के लिए अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण सहित अन्य समसामयिक विषयों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अंत में जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत और केंद्र सरकार के पीजी पोर्टल पर दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई।


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