सरगुजा में खनिज माफियाओं पर शिकंजा: कड़े कानून के साथ खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, जेसीबी और ट्रैक्टर समेत कई वाहन जप्त
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में प्राकृतिक संपदा के अवैध दोहन को रोकने के लिए जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है। कलेक्टर के निर्देशन में जिला खनिज अधिकारी के नेतृत्व में खनिज अमले द्वारा जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। ग्रामीण और स्थानीय माध्यमों से मिल रही अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों पर तत्काल एक्शन मोड में आते हुए विभाग ने पिछले दो दिनों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों एवं पुख्ता सूचनाओं को संज्ञान में लेते हुए खनिज अमले ने जाल बिछाया और अंबिकापुर, उदयपुर तथा सीतापुर क्षेत्र के अंतर्गत अवैध रूप से संचालित वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे जिले में जहां भी अवैध उत्खनन, भंडारण या परिवहन की सूचना मिलेगी, वहां इसी तरह त्वरित और सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
तहसील अंबिकापुर: लुचकी घाट में खनिज मिट्टी और मुरूम का अवैध उत्खनन
कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि 28 जून 2026 को तहसील अंबिकापुर के अंतर्गत आने वाले लुचकी घाट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन की शिकायत मिली थी। सूचना की तस्दीक करते हुए जब खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो वहां बिना किसी वैध दस्तावेज और रॉयल्टी पर्ची के खनिज मिट्टी तथा मुरूम का अवैध रूप से उत्खनन कार्य धड़ल्ले से संचालित हो रहा था।
मौके पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने उत्खनन कार्य में लगी एक नग जेसीबी मशीन (वाहन क्रमांक: CG15 DM 7967) को जप्त किया। पूछताछ और जांच में इस जेसीबी वाहन के मालिक का नाम इस्लाम खान सामने आया है। इसके साथ ही उत्खनन स्थल पर मौजूद एक नग ट्रैक्टर (वाहन क्रमांक: CG15 AE 2137) को भी जप्त किया गया, जिसका मालिक भी इस्लाम खान ही पाया गया। विभाग ने दोनों ही वाहनों को तत्काल जप्त कर सुरक्षित अभिरक्षा के लिए खनिज कलेक्टर परिसर अंबिकापुर में खड़ा करवा दिया है।
तहसील उदयपुर: ग्राम केशगवां में अवैध रेत परिवहन करता टीप्पर पकड़ाया
अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए अगले ही दिन यानी 29 जून 2026 को उदयपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम केशगवां में बड़ी कार्रवाई की गई। यहां नदियों से निकाली गई खनिज रेत का अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। खनिज अमले ने घेराबंदी कर एक भारी वाहन टीप्पर (वाहन क्रमांक: CG 15 EJ 4504) को रोका।
जांच के दौरान चालक द्वारा रेत परिवहन से संबंधित कोई भी वैध पास या रॉयल्टी पर्ची प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इस वाहन के मालिक का नाम राजा यादव बताया गया है। खनिज विभाग ने रेत के इस अवैध परिवहन को गंभीरता से लेते हुए वाहन के खिलाफ अवैध परिवहन का मामला दर्ज किया और उसे अग्रिम कानूनी कार्रवाई एवं सुरक्षित अभिरक्षा के लिए थाना प्रभारी उदयपुर के सुपुर्द कर दिया है।
तहसील सीतापुर: चार और वाहन जप्त, पुलिस अभिरक्षा में सौंपे गए
इसी कड़ी में खनिज अमले ने सीतापुर तहसील क्षेत्र में भी सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल चार वाहनों को अवैध रूप से खनिजों का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इन वाहनों में रेत और गिट्टी का बिना किसी वैध दस्तावेज के परिवहन किया जा रहा था। जप्त किए गए वाहनों और उनके स्वामियों का विवरण इस प्रकार है:
| क्र. | वाहन का प्रकार / नंबर | वाहन मालिक का नाम | परिवहन किया जा रहा खनिज | वर्तमान स्थिति / अभिरक्षा |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सोल्ड ट्रैक्टर (लाल रंग) | रामचंद | खनिज रेत | थाना प्रभारी सीतापुर की अभिरक्षा में |
| 2 | महेंद्रा लाल सोल्ड ट्रैक्टर | मौहर साय साहू | खनिज रेत | थाना प्रभारी सीतापुर की अभिरक्षा में |
| 3 | वाहन क्रमांक CG13 BD 5155 | सुनिल अग्रवाल | खनिज गिट्टी | थाना प्रभारी सीतापुर की अभिरक्षा में |
| 4 | वाहन क्रमांक CG13 BD 5157 | सुनिल कुमार अग्रवाल | खनिज गिट्टी | थाना प्रभारी सीतापुर की अभिरक्षा में |
सीतापुर पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त सूझबूझ से इन चारों वाहनों को जप्त कर थाना प्रभारी सीतापुर की सुरक्षित अभिरक्षा में रखवा दिया गया है, ताकि इन पर अधिनियम के अनुसार आगे की दंडात्मक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
सख्त कानूनों के तहत होगी कार्रवाई: एमएमडीआर और नए नियमों का लगेगा चाबुक
जिला खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इन सभी प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(4), एमएमडीआर अधिनियम की धारा 21(5) एवं 23 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 (यथा संशोधित अधिसूचना दिनांक 22 जून 2026) के नियम 71 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 में राज्य शासन द्वारा हाल ही में 22 जून 2026 को एक व्यापक और महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। इस नए संशोधन अधिसूचना के लागू होने के बाद से अवैध रूप से खनिजों का दोहन करने वालों पर भारी आर्थिक दंड का प्रावधान कर दिया गया है, जिससे अवैध कारोबारियों की कमर टूटना तय है।
नया नियम: अब न्यूनतम 25,000 रुपये शमन शुल्क, बाजार मूल्य की भी होगी वसूली
यथा संशोधित नियमों की बारिकियों को समझाते हुए अधिकारी ने बताया कि नए नियम 71(3) के अंतर्गत अब प्रशमन या शमन शुल्क (कॉम्प्रोमाइज फीस) को काफी बढ़ा दिया गया है।
- अब किसी भी अवैध मामले में न्यूनतम शमन शुल्क 25,000 (पच्चीस हजार) रुपये तय कर दिया गया है।
- अर्थात, प्रशमन राशि न्यूनतम 25 हजार रुपये होगी या फिर 2,000 (दो हजार) रुपये प्रति टन की दर से गणना की जाएगी। इन दोनों में से जो भी राशि अधिक होगी, उसकी वसूली अनिवार्य रूप से अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण करने वाले संबंधित व्यक्तियों या वाहन मालिकों से की जाएगी।
- विशेष नोट: इस भारी-भरकम दंड या शमन राशि के अलावा, जप्त किए गए खनिज का जो भी तात्कालिक बाजार मूल्य (मार्केट वैल्यू) होगा, उसकी राशि भी अलग से संबंधितों से वसूल की जाएगी।
शासन के इस नए कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले और राजस्व को चूना लगाने वाले तत्वों पर पूर्णतः अंकुश लगाना है। खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि खनि अमला जिले के सभी संवेदनशील नदी-घाटों, खदानों और परिवहन मार्गों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में यह अभियान और ज्यादा तीव्र किया जाएगा।
Ashish Sinha
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