अगले चार साल में सिलीगुड़ी कॉरिडोर को देश का सबसे सुरक्षित सैन्य रास्ता बनाने की तैयारी है। जून 2017 में हुए डोकलाम विवाद के बाद केंद्र सरकार ने चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) और सिक्किम क्षेत्र में लगभग 4 बड़ी सुरक्षा-इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शुरू की हैं।
अभी कठिन पहाड़ी रास्तों और सिंगल-लेन नेटवर्क के कारण भारी तोपों (आर्टिलरी) व सैन्य दस्तों को सीमा तक पहुंचाने में 12 से 18 घंटे का समय लगता है। इन प्रोजेक्ट्स के 2029 तक पूरे होने पर यह समय घटकर मात्र 3 घंटे रह जाएगा।
इससे भारतीय सेना चीन की किसी भी चुनौती का करारा जवाब दे सकेगी। इस रणनीतिक किलेबंदी का मकसद 4 करोड़ पूर्वोत्तर आबादी का शेष भारत से संपर्क रखना है।

















