केनापारा पर्यटन स्थल पर एसईसीएल का दावापर्यटन स्थल का नाम यथावत रखे जाने की मांग को लेकर 8 अगस्त को होगा आंदोलन

केनापारा पर्यटन स्थल पर एसईसीएल का दावापर्यटन स्थल का नाम यथावत रखे जाने की मांग को लेकर 8 अगस्त को होगा आंदोलन

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केनापारा पर्यटन स्थल का नाम परिवर्तित कर समलेश्वरी महामाया पर्यटन स्थल करने पर बन सकती है सहमति?

5 अगस्त को केनापारा पर्यटन स्थल का नाम जयनगर करने को ले कर हुआ था आंदोलन

गोपाल सिंह विद्रोही /प्रदेश खबर /प्रमुख छत्तीसगढ़ /विश्रामपुर/एसईसीएल बिश्रामपुर द्वारा क्लोजर माइनिंग योजना अंतर्गत क्वारी क्रमांक 6 में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करते हुए केज में मत्स्य पालन, फ्लर्टिंग ,कैंटीन, वोटिंग का निर्माण कर इसे धूमधाम से वी इस उद्देश्य से शुभारंभ कराया था कि प्रदेश में पर्यटन के रूप में एक अलग सूरजपुर जिला का पहचान बन सके। इस पर्यटन स्थल के विकास पर एसईसीएल कंपनी ने लाखों रुपए खर्च किया था। सूरजपुर जिला प्रशासन ने भी दिल खोलकर इसे विकसित करने में लगा हुआ था परंतु अब इस पर किसी का नजर लगता हुआ दिख रहा है। अभी तक सब ठीक-ठाक चल रहा था परंतु पर्यटन स्थल से आर्थिक मुनाफे को देखते हुए इस पर दो निकाय एवं एसईसीएल बिश्रामपुर प्रबंधन स्वयं अपनी दावेदारी ठोक दी है। जिससे केनापारा पर्यटन स्थल नाम परिवर्तन का मामला गहराता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार एसईसीएल एवं सूरजपर जिला प्रशासन की संयुक्त आर्थिक सहयोग से निर्मित उक्त पर्यटन स्थल जो वर्तमान में तेलई कछार’ केनापारा’ के नाम से जाना जाता है। इसे परिवर्तन कर जयनगर किए जाने की मांग को ले कर किए जा रहे आंदोलन के बाद एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के श्रमिक नेताओं के दबाव के बाद नींद खुली है। प्रबंधन ने भी पर्यटन स्थल पर एसईसीएल बिश्रामपुर का हक जताया है।

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जयनगर ग्राम पंचायत के निवासियों ने केनापारा पर्यटन स्थल जयनगर ग्राम पंचायत के अंतर्गत होने का दावा करते हुए इसे जयनगर के नाम करने की मांग कर रहे है । जनप्रतिनिधियों ने लगातार पर्यटन स्थल का नाम परिवर्तित कर जयनगर करने की मांग तेज करते हैं यहां तक की बीते 5 अगस्त को चक्का जाम करने भी पर्यटन स्थल पहुंच गए। जिसे जिला प्रशासन से वार्ता के लिए अधिकृत एसडीएम रवि सिंह ,सुरजपुर तहसीलदार प्रतीक जयसवाल ,नायब तहसिलदार पीलखा माधुरी अर्चना की टीम ने आंदोलनकारियों से नाम परिवर्तन पर विचार एवं निर्णय लेने के लिए 1 सप्ताह का समय मांगे जाने पर आंदोलन समाप्त किया गया था। जयनगर वासियों की इस आंदोलन के बाद पर्यटन स्थल पर एसईसीएल विश्रामपुर प्रबंधन, ग्राम तेलई कछार , जयनगर पंचायत पर्यटन स्थल पर अपना-अपना दावा पेश कर दिया है। जिससे नाम परिवर्तन का मामला उलझता जा रहा है।उधर इस संबंध में ग्राम जयनगर के जनप्रतिनिधियों में उपसरपंच मोहम्मद अफरोज, मोहम्मद मकसूद ,वेद प्रकाश मिश्रा, जाहिद अली, असलम खान ,गुलाम मुस्ताक, समीम पलिहा, सैफुल्ला खान, टेपराम, इसराइल खान, देवधन बिझिया, ने अपना तर्क देते हुए कहां की पर्यटन स्थल का नाम केनापारा गलत रखा गया। यह पूरा क्षेत्र जयनगर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है जिस कारण से इसका नाम जयनगर किया जाना अति आवश्यक न किए जाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
केनापारा की भूमि पर पर्यटन स्थल है बदलाव किया गया तो मतदान का करेंगे बहिष्कार--ग्राम केनापारा निवासी निर्मल साहू, लवन रजवाड़े ,रामप्रकाश, कृष्ण गुप्ता, विशंभर यादव, सरपंच भरत पंडो, श्याम सुंदर ने कहा कि ग्राम पंचायत जयनगर के निवासियों की मांग गलत है ।यह क्षेत्र केनापारा के अंतर्गत आता है। यह स्थल केनापारा का यादव पारा था। खदान खोलने के दौरान यहां के लोग गणेशपुर, तेलाई कछार , 4 चांडी डांड में जाकर बस यह से विस्थापित हो गए। जिसे स्वीकार करते हुए एसईसीएल एवं जिला प्रशासन ने पर्यटन स्थल का नाम केनापारा रखा था। जिसका समर्थन तेलाईं कछार, कैलाशपुर ,राजापुर, परवतीपुर, गणेशपुर ,बीरपुर, शिव सागर, गोपालपुर, परसा पारा, कंदरई,जामदाई, पेंडरखी ,रतनपुर, कोरिया, कंदराई ग्राम के सरपंच सहित बीडीसी नीलू प्रसाद गुप्ता, गुड्डू कुजुर, फुलवसीया आज जनप्रतिनिधियों ने समर्थन किया है। यदि प्रशासन इन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर केनापारा पर्यटन स्थल को जयनगर पर्यटन स्थल का नाम दिया तो जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा।
केनापारा पर्यटन स्थल एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र का है- महाप्रबंधक
इस संबंध में एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक विद्यानंद झा ने नवभारत को बताया कि एसईसीएल के समस्त श्रमिक संघ के जनप्रतिनिधियों ने केनापारा को एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र का पर्यटन स्थल नाम देने की मांग रखी है ।इस मांग को हम जिला प्रशासन के समक्ष रखेंगे ।एसईसीएल प्रबंधन ने केनापारा स्थित पूर्व के भू स्वामियों को मुआवजा, नौकरी एवं विस्थापन कर चुकी है। इस कारण से केवल इस पर्यटन स्थल का हक और अधिकार केवल विश्रामपुर एसईसीएल प्रबंधन का बनता है। इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए।

केनापारा पर्यटन स्थल का तीन दावेदार होने से नाम परिवर्तन का मामला गहराया केनापारावासी 7 अगस्त को करेंगे आंदोलन* केनापारा पर्यटन स्थल का तीन दावेदार एसईसीएल बिश्रामपुर, केनापारा पंचायत एवं जयनगर ग्राम पंचायत की दावेदारी होने से मामला और बिगड़ता चला जा रहा है। अब केनापारा वासी 7 अगस्त को नाम परिवर्तन का समर्थन करने वालों के खिलाफ करेंगे आन्दोलन।

केनापारा पर्यटन स्थल का नामपरिवर्तन कर समलेश्वरी महामाया पर्यटन स्थल करने का सुझाव
केनापारा पर्यटन स्थल का नाम परिवर्तन का समलेश्वरी महामाया पर्यटन स्थल किए जाने पर एसईसीएल बिश्रामपुर प्रबंधन केनापारा एवं ग्राम पंचायत जयनगर के अधिकांश लोग भी इस नाम पर आम सहमति बनते दिख रहे हैं यदि जिला प्रशासन केनापारा का नाम परिवर्तित कर समलेश्वरी महामाया पर्यटन स्थल क्या नामकरण कर देती है तो संभवत या समस्या का निदान का रास्ता दिख रहा है यह आवश्यक है कि इस पर्यटन स्थल 100 गज की दूरी पर प्राचीन समलेश्वरी महामाया मंदिर है जिस पर क्षेत्रवासियों को काफी आस्था है इस कारण से एक नाम पर कुछ को छोड़कर सभी की सहमति हो सकती है और विभाग का पटाक्षेप भी हो सकता अब जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों की संजीव संयुक्त पहल की जरूरत है।