रक्षाबंधन मेें भाईयों की कलाई पर सजेगी भाजी की रेशों से बनी राखियां

रक्षाबंधन मेें भाईयों की कलाई पर सजेगी भाजी की रेशों से बनी राखियां

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प्रगतिशील कृषक ने तैयार की भाजियों के रेशे से राखियां

रायपुर, रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार भाईयों की कलाई पर रेशम या ऊन की राखियों से नहीं बल्कि अलसी, केला, भिंडी, अमारी एवं चेच भाजी के रेशों से निर्मित राखियां सजेंगी। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र, जांजगीर-चांपा के मार्गदर्शन में कार्यरत ग्राम सिवनी के 64 वर्षीय प्रगतिशील कृषक रामाधार देवांगन एवं ग्राम बहेराडीह के युवा कृषक दीनदयाल यादव ने अलसी, केला, भिंडी एवं भाजियों की रेशों से निर्मित राखियां तैयार की है। इन राखियों का निर्माण कृषि विज्ञान केन्द्र के मार्गदर्शन में कार्यरत बिहान महिला स्व-सहायता समूह के सहयोग से किया जा रहा है। समूह द्वारा निर्मित इस तरह की अनोखी राखियांे का स्टॉल राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के ट्रेनिंग सेंटर में प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु आज लगाया जाएगा। राज्य के ब्लॉक एवं जिला स्तर पर रक्षाबंधन पर्व के पूर्व बिहान बाजार का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अलसी, केला, भिंडी, अमारी एवं चेच भाजी के रेशों से निर्मित राखियों के साथ-साथ हर्बल गुलाल एवं अगरबत्तियों का विक्रय भी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। समूह को इस तरह की राखियों के विक्रय हेतु अग्रिम ऑर्डर प्राप्त हो रहा है।

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कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर चांपा के मार्गदर्शन में कार्यरत बिहान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका मिशन से जोड़ने वाले रेस्टोरेशन फाउंडेशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे. बसवराज ने बताया कि रामाधार देवांगन और दीनदयाल यादव द्वारा अब तक अलसी, केला, अमारी भाजी, के रेशे से कपड़ा बनाने का कार्य किया जा रहा था, लेकिन उन्होंने जिला प्रशासन के सहयोग से जिले के बिहान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका मिशन से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से कपड़ा निर्माण के साथ-साथ इन रेशों से रंग बिरंगी आकर्षक राखियाँ तैयार की जा रही है। श्रीमती ओमेश्वरी साहू के नेतृत्व में बलौदा ब्लॉक के मॉडल गौठान ग्राम बहेराडीह के गंगे मईय्या स्व-सहायता समूह एवं अकलतरा ब्लॉक के कापन व तिलई के स्व-सहायता समूह की महिलाओं को इसकी प्रशिक्षण दी जा रही है। राखियों के साथ-साथ बिहान समूह के द्वारा बनाई गई हर्बल गुलाल व अगरबत्ती भी साथ में दी जाएगी। राज्य के ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बिहान बाजार का आयोजन किया जाएगा जिसमें अलसी, केला, भिंडी, अमारी एवं चेच भाजी के रेशों से निर्मित राखियों के साथ-साथ हर्बल गुलाल एवं अगरबत्ती को विक्रय भी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा।