मॉ का दूध बच्चों के लिए सर्वोत्तम : रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है – नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा

मॉ का दूध बच्चों के लिए सर्वोत्तम : रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है – नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा

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1 से 7 अगस्त तक स्तनपान सप्ताह का आयेाजन

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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आज विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन भोरमदेव क्लब क्षीरपानी कॉलोनी में किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री ऋषि शर्मा , श्री मोहित माहेश्वरी , श्रीमती गंगोत्री योगी, श्रीमती तारणी ठाकुर, श्री हिरेेश चतुर्वेदी, श्री कुशल कौशिक एल्डरमेन, श्री बिलाल खान सहित जनप्रतिनिधिगणों के गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरूवात अतिथियों के करकमलों से सरस्वती पूजन से हुआ।
नगर पालिका अध्यक्ष श्री ऋषि शर्मा ने अपने उदृबोधन में कहा कि वर्तमान दौर में इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन कि नितांत आवश्यकता है, आज आधुनिकता के इस दौर में महिलाएं जहॉ अपने शरीर का अधिक महत्व देते हुए बच्चों का अपना दूध नहीं पिला कर बाहर का दूध पिला रही है, ऐसी परिस्थितियों में इन्हे जागृत करना परम् आवश्यक है। मॉ का दूध बच्चे का अधिकार है, यह उसकी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। महिला एवं बाल विकास विभाग मे मैदानी अपमो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के कार्यो को प्रोत्साहित करते हुए इन्होने कहा कि किस प्रकार मॉ के गर्भ से ही बहनों के द्वारा घर-घर जाकर आंगनबाड़ी की सेवाओं एवं आपने कर्तव्यों का निर्वहन बखूनी कर रही है। इन्होने आज के इस कार्यक्रम के संदेशो को अपने निचले स्तर तक पहुचाने की अपील की। छोटे बच्चों एवं माताओं के हित में अच्छा से अच्छा कार्य करने के अवसर को ईश्वर का वरदान माना एवं आईसीडीएस की कार्यकर्ताओं को इस अवसर को अपने लिये सौभाग्य का विषय समझने उद्घोषित किया।
श्री मोहित माहेश्वरी ने इस अवसर पर कहा कि मां के दूध की महत्ता महिलाओं से बढ़कर कोई नहीं बता सकता, मां के दूध की महत्ता के बारे में उन्होने बताया कि यह बच्चों के लिए सर्वोत्तम आहार है, सभी प्रकार के बीमारियों से बच्चे की सुरक्षा करता है, बच्चे के विकास में सहयोग करता है। बच्चे की उंचाई एवं वजन की वृद्धि में सहायक है, कुपोषण दूर करने में कारगर है। श्रीमती गंगोत्री योगी द्वारा अपने उद्बोधन मे कहा गया कि ’’मॉ का दूध अमृत के समान है, मॉ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलेस्ट्रॉम) बच्चे के लिए बहुत लाभदायक है। यह दूध बच्चे की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है एवं कई बीमारियों से लड़ने में सहायक है। जन्म के तुरंत बाद 1 घण्टे के भीतर मॉ का दूध अनिवार्य रूप से पिलाने की अपील की। उन्होने दूध पिलाने से न केवल बच्चे को लाभ है वरन मॉ एवं बच्चे के बीच एक गहरा रिश्ता बन जाता है एवं दोनो के बीच जुड़ाव होता है मॉ को मानसिक शांति मिलती है। जन्म के तुरंत बाद एवं कम से कम 6 माह तक केवल मॉ का दूध बच्चों को पिलाते रहे। इससे बच्चा हृष्टपुष्ट होता है। इस कार्यक्रम में स्वस्थ्य शिशु प्रतियोगिया, एव स्तनपान विषय पर प्रश्नोत्तरिय भी रखा गया था। जिसमें भागलेने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों के व्दारा पुरूस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद कुमार तिवारी के व्दारा 1 से 7 अगस्त 2021 तक जिले में आयोजित किए जा रहे विश्वस्तनपान सप्ताह के बारे में बताया, स्तनपान सप्ताह का आयोजन प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में किए जा रहे है, परियोजना स्तर पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, स्तनपान सप्ताह के इस वर्ष के थीम ’’स्तनपान की सुरक्षा समस्त मानव जाति की जिम्मेदारी है’’ पर प्रकाश डालते हुए सभी की इस विषय पर भागेदारी पर विशेष बल दिया। श्रीमती स्मिता सिंह पर्यवेक्षक द्वारा स्तनपान के महत्व के विषय में बोलते हुये स्तनपान विषय पर रंगोली, चित्रकला, स्वस्थ्य शिशु प्रतियोगिता, आदि के माध्यम से स्तनपान को बढ़ावा देने आयोजित किये जा रहे विविध कार्यक्रम के विषय में बताया। कार्यक्रम में एकीकृत बाल विकास परियोजना के पर्यवेक्षक श्रीमती उषा मिश्रा, श्रीमती पायल पाण्डेय, श्रीमती सतरूपा सोनी, सुश्री मिलापा श्याम, श्रीमती राजकुमारी माग्रे, श्रीमती स्मिता सिंह, श्रीमती सरोज शर्मा, श्रीमती मानमति मनहर, श्रीमती अल्का बर्वे एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, शिशुवती एवं अन्य महिलाएं उपस्थित रहे। अतिथियों का आभार प्रदर्शन श्रीमती कृत्तिका सिंह, परियोजना अधिकारी स. लोहारा के व्दारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री नितिका ड़डसेना, संरक्षण अधिकारी नवाविहान के व्दारा किया गया।