समूह की महिलाये अब आधुनिक पद्धति से मुर्गीपालन कर बढ़ा सकेंगी आमदनी

समूह की महिलाये अब आधुनिक पद्धति से मुर्गीपालन कर बढ़ा सकेंगी आमदनी

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ब्यूरो चीफ/ सरगुजा// गोठानो में आधुनिक पद्धति से मुर्गी पालन को बढ़ावा देकर समूह की महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए अब थ्री टायर केज स्थापित किया जा रहा है। कलेक्टर संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में जिले के गोठानो में मुर्गी पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने हेतु प्रथम चरण में 14 आदर्श गोठनों में निर्मित मुर्गी शेड में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा थ्री टायर केज स्थापित किया जा रहा है। केज स्थपित कर 4 महीने उम्र का वी बी -300 प्रजाति का 250 लेयर बर्ड भी दिया जा रहा है जो अगले एक महीने में अंडा देना शुरू कर देंगे। एक मुर्गी सालाना 300 अंडे देगी । अंडों से समूह की महिलाओ को अच्छी आमदनी मिलेगी वही सुपोषण अभियान के लिए आंगन बाड़ी केंद्र के बच्चो के लिए भी आपूर्ति हो सकेगी।

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पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ सी के मिश्रा ने बताया कि जिले के सभी 7 विकासखण्डों के 2-2 आदर्श गोठान कुल 14 गोठान में केज स्थापित करना है। शनिवार को 7 गोठानो अम्बिकापुर जनपद के सोहगा और मेण्ड्रा कला, लुण्ड्रा जनपद के बटवाही, लखनपुर जनपद के पूह पुटरा, उदयपुर जनपद के सरगवां ,बतौली जनपद के मंगारी और मैनपाट जनपद के उडुमकेला गोठान में केज स्थापित कर मुर्गी प्रदाय किया गया। उन्होंने बताया कि थ्री टायर केज मुर्गी पालन की आधुनिक पद्धति है। इसमे तीन खंड में केवल 4-4 मुर्गी एक साथ रहेंगे। एक साथ कम मुर्गियों रहने से आपस मे लड़ाई नही होती। केज में ही मुर्गियां अंडे देंगे। केज को इस प्रकार बनाया गया है कि इसमें अंडे फूटते नही है। केज के अंदर चूहे व सर्प नहीं घुस सकते जिससे मुर्गी व अंडे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने बताया कि वी बी- 300 प्रजाति के लेयर बर्ड को जबलपुर से लाया गया है।

कलेक्टर संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत सी.ई.ओ.  विनय कुमार लंगेह के नेतृत्व में जिले के गोठानो को मल्टी एक्टिविटी केंद्र के रूप में स्थापित करने हेतु प्रथम चरण में सभी 14 आदर्श गोठानों में मुर्गी पालन, बटेर पालन तथा ब्रायलर मुर्गा पालन हेतु शेड निर्माण किया गया है। मुर्गी और बटेर पालन के लिए समूह की महिलाओं को पशु चिकित्सा विभाग द्वारा आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है।