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पीओपी से निर्मित मूर्ति की बिक्री एवं स्थापना रहेगी प्रतिबंधित

नवरात्र पर्व हेतु दिशा-निर्देश जारी, 8 फीट से अधिक नहीं होगी मूर्ति उंचाई

पीओपी से निर्मित मूर्ति की बिक्री एवं स्थापना रहेगी प्रतिबंधित

P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा//  नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में जिले में पॉजीटीव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए कलेक्टर संजीव कुमार झा के द्वारा नवरात्र पर्व के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है।  मूर्ति की अधिकम उंचाई 8 फिट ही होगी और प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित मूर्ति की बिक्री एवं स्थापित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति स्थापना वाले पण्डाल का आकार 15ग15 फिट से अधिक न हो तथा पण्डाल के सामने कम से कम 500 वर्गफिट की खूली जगह हो, खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर सभी ज्योत का प्रज्ज्वलन किया जाएगा। नियत स्थान पर अग्निश्मन सुरक्षा के सभी उपाए करना होगा। ज्योत दर्शन हेतु दर्शनार्थियों व अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। ज्योत प्रज्जवलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर प्रबंधन समिति की होगी।

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मण्डप या पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पण्डाल न हो। दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाए जाएंगे। किसी भी एक समय में मण्डप एवं सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेंगे जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता एवं मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापना करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनेटाईजर थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैण्डवास एवं न्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर पण्डाल में प्रवेश नही देने की जिम्मेदारी समिति की होगी।

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व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन कराते हुए आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस-बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर कराया जाएगा। कंटनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटनमेण्ट जोन घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भण्डारा करने की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र जैसे धूमाल ब्रास बैण्ड तथा अन्य वाद्य यंत्र जिनका पीएमपीओ 200 वाट से अधिक न हो, के बजाने की अनुमति स्थापित पण्डाल अथवा नियत स्थल के 100 मीटर के परिधि के अंतर्गत के लिए होगी । विसर्जन के साथ-साथ अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा झांकी की अनुमति नही होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए अधिकतम 10 व्यक्ति की ही अनुमति होगी एवं मूर्ति के वाहन में ही बैठेगें। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कही रोकेने की अनुमति नहीं होगी।

विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भण्डारा, प्रसाद वितरण, पण्डाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति एवं पूजन सामग्रियों का विसर्जन नगर पालिक निगम अम्बिकापुर द्वारा निर्धारित विसर्जन कुण्ड में ही किया जायेगा। विसर्जन के लिए नगर पालिक निगम एवं नगर पंचायत द्वारा निर्धारित रूट मार्ग एवं तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्ग से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नही होगी। सामान्य रूप से सभी वाहन रिंग रोड के माध्यम से ही गुजरेंगे। सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी। उपरोक्त शर्ता के सहित किसी परिसर के अंदर या सार्वजनिक स्थल पर मूर्ति स्थापित की जाती है तो कम से कम तीन दिवस पूर्व नगर निगम एवं नगर पंचायत में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन पत्र देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित की जा सकेगी। यह अनुमति किसी भी ऐसे स्थान पर प्रदान नहीं की जाएगी जिससे सार्वजनिक निस्तार या यातायात बाधित होने की संभावना हो। निर्देश का उल्ल्ांघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी।

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